FIR on Rahul-Priyanka Gandhi: CEC विवाद में राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, प्रियंका समेत कई नेताओं पर FIR; क्या हैं आरोप?

Facebook
X
WhatsApp

FIR on Rahul-Priyanka Gandhi: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके साथ मौजूद नेताओं व समर्थकों ने बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, FIR एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थक और अन्य सांसद बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए और वहां धरने पर बैठ गए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई थी।

Also Read –Ramayana Movie: रामायणम्’ मूवी के मेकर्स ने जारी किया दशरथ के किरदार में अरूण गोविल का फर्स्ट लुक

FIR on Rahul-Priyanka Gandhi: कैसे बिगड़ा मामला?

दरअसल, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों और नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर था। विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहा है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मार्च के लिए नई दिल्ली जिले के DCP कार्यालय में कोई अनुमति आवेदन नहीं दिया गया था और इसलिए मार्च की अनुमति भी नहीं थी। पुलिस ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की बात कही थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े और बैरिकेड पार करने की कोशिश की।

Also Read –Lucknow Airport Fire: Lucknow एयरपोर्ट के लेबर रूम में भीषण आग, मची अफरा-तफरी; मौके पर पहुंची दमकल की 7 गाड़ियां

आकाशवाणी भवन में बैठ गए राहुल-प्रियंका

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत कुछ कांग्रेस नेता और समर्थक आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। यहां उन्होंने कई घंटे तक धरना दिया।

रिपोर्टों के अनुसार, आकाशवाणी भवन के कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, जिसके बाद कुछ देर तनाव की स्थिति बनी। इसके बाद राहुल और प्रियंका समेत अन्य नेता परिसर के अंदर चले गए।

राहुल गांधी ने धरने के दौरान कहा था कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं और जब तक सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया जाता, तब तक वहां से नहीं हटेंगे।

260 लोगों को किया गया था हिरासत में

मंगलवार को करीब 260 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिनमें INDIA ब्लॉक के करीब 10 सांसद भी शामिल थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटे तक गतिरोध चलता रहा। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को भी वहां से हटाकर हिरासत में लिया गया।

पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार और पुलिस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।

‘वोट चोरी’ के आरोपों पर आमने-सामने विपक्ष और चुनाव आयोग

पूरे विवाद की जड़ SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के आरोप हैं। राहुल गांधी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि उसे विपक्षी दलों की ओर से औपचारिक मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।

अब FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मामला राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ रहा है, जबकि पुलिस का पक्ष है कि बिना अनुमति सरकारी परिसर में प्रवेश और प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन करने पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें