पुलिस रिश्वत मांगे तो इस हेल्पलाइन पर करें फोन, मेरठ SSP प्रभाकर चौधरी ने कहा- खाकी पर दाग बर्दाश्त नहीं

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आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने 15 जून को मेरठ के एसएसपी के रूप में चार्ज लिया था। चार्ज लेने के साथ ही वो चर्चाओं में आ गए थे। तो वहीं, अब एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मेरठ जिले में एक अच्छी पहल की शुरुआत की है। दरअसल, पुलिस विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा कि थानों और चौकियों में अगर कोई पुलिस वाला रिश्वत मांगता है तो पीड़ित व्यक्ति उन्हें कॉल करें।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा, ‘एक रुपया किसी पुलिस वाले को देने की जरूरत नहीं है। शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा और रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मी पर विभागीय कार्रवाई होगी।’ एसएसपी ने बताया कि चार्ज संभालते ही उन्हें कई थानेदारों और पुलिसकर्मियों की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद जिले के लोगों के लिए यह हेल्पलाइन शुरू की गई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पुलिस वालों के माथे पर भ्रष्टाचार का दाग बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार पुलिस को प्रतिमाह वेतन देती है। रिश्वत मांगने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

एसएसपी के इस कदम से पुलिसकर्मियों में खलबली मची हुई है। बता दें कि आम जनता की मदद के लिए एसएसपी ने हेल्पलाइन नंबर 8077974308 जारी किया है। वहीं, पोस्टरों पर लिखा है कि पासपोर्ट सत्यापन, सूचना रिपोर्ट पंजीकरण, विवेचना, चरित्र प्रमाण पत्र, शस्त्र लाइसेंस और अन्य किसी भी मामले में अगर कोई पुलिस वाला आपसे रिश्वत मांगे तो आप सिर्फ इस नंबर पर एक कॉल कर दें। आपका नाम पता गोपनीय रखा जाएगा और आपका काम प्राथमिकता पर होगा। गुरुवार को ही थानों और चौकियों के बाहर पोस्टर चस्पा कराए है।

प्रभाकर चौधरी 2010 के बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई की। प्रभाकर चौधरी बलिया, बुलंदशहर, कानपुर में एसपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। उन्हें वाराणसी के एसएसपी की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। बीते 15 जून को उन्हें मेरठ का एसएसपी बनाया गया। इससे पहले वह मुरादाबाद के एसएसपी थे।

प्रभाकर चौधरी अपने खास अंदाज को लेकर चर्चा में रहते हैं। उस समय भी वह काफी चर्चा में आए थे जब वह पीठ पर स्टूडेंट की तरह बैग टांग कर और रोडवेज बस में सवार होकर कानपुर एसपी का चार्ज संभालने पहुंचे थे। एक कार्यक्रम में प्रभाकर चौधरी ने अपने आईपीएस बनने के पीछे दिलचस्प कहानी बताई थी। उन्होंने बताया था कि वह केमिस्ट्री का लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें आईपीएस बना दिया।

बता दें कि प्रभाकर चौधरी को 15 जून को मेरठ का एसएसपी बनाया गया। 15 से 17 तक वह छुट्टी पर रहे। इस दौरान उन्होंने सिंघम स्टाइल में गुपचुप तरीके से शहर घूमा और स्थिति का जायजा लिया। प्राइवेट इनोवा गाड़ी में सिविल ड्रेस में एसएसपी के शहर में निकलने की जब कुछ पुलिसकर्मियों को भनक लगी तो वे सतर्क हो गए। इसे लेकर हड़कंप मचा रहा।

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