Maulana Kaleem Siddiqui: 1000 धर्मांतरण कराने वाले मौलाना को जमानत, 2021 में ATS ने किया था गिरफ्तार

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Maulana Kaleem Siddiqui: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़े स्तर पर धर्मांतरण कराने के आरोपी मौलाना कलीम सिद्दीकी को जमानत मिल गई है. साल 2021 में गिरफ्तार मौलाना सिद्दीकी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जमानत याचिका दाखिल की थी. इस अर्जी पर हाईकोर्ट के जस्टिस अता-उर-रहमान मसूदी और जस्टिस सरोज यादव की खंडपीठ में सुनवाई हुई. इसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली है.

मौलाना कलीम सिद्दीकी को विदेशी फंडिंग, धर्मांतरण समेत कई अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष हैं. (Maulana Kaleem Siddiqui) इसके अलावा उनका जामिया इमाम वलीउल्लाह नाम से ट्रस्ट भी है. साल 2021 में यूपी एटीसएस को कुछ ऐसे इनपुट मिले थे कि मौलाना कलीम सिद्दीकी उत्तर प्रदेश में मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी आदि के साथ मिलकर धर्मांतरण रैकेट चलाते हैं.

इसी मामले में एटीएस ने इन सभी को एंटी लव जिहाद कानून के तहत गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में थे. एटीएस ने कोर्ट को बताया था कि ये लोग धर्मांतरण के लिए हिन्दुओं पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते थे. इसके लिए मौलाना के ट्रस्ट को विदेशों से करोड़ों रुपये का फंड मिला था. इन रुपयों का इस्तेमाल मौलाना ने धर्मांतरण के काम में किया था.

आरोप यह भी है कि मौलाना ने धर्मांतरण के लिए कई मदरसों को भी रुपये भेजे थे. गिरफ्तारी के वक्त उत्तर प्रदेश के डीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने दावा किया था कि मौलाना के धर्मांतरण गिरोह से सीधा लिंक हैं. इसी गिरोह के लिए मौलाना के ट्रस्ट को बहरीन से 1.5 करोड़ रुपये मिले. इसके अलावा अन्य देशों से भी करीब डेढ़ करोड़ का फंड आया था.

https://youtu.be/jnGdKOcOf3s

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