Barabanki News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों एवं अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी संगठन के प्रदेश सचिव/जिलाध्यक्ष बाराबंकी निहाल अहमद सिद्दीकी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की।

निहाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी माँगों को उठाना और सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। जनता की आवाज को लाठी के बल पर दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों एवं नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों और अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है व जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए तथा घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही, हिंसा में संलिप्त पाए जाने वाले संगठनों की भूमिका की जाँच कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए व घायल प्रदर्शनकारियों को उचित चिकित्सा सहायता एवं न्याय मिलना चाहिए तथा भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।
निहाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही तय करने से होगी। उन्होंने राष्ट्रपति महोदया से इस प्रकरण का संज्ञान लेकर पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील कुमार यादव, दिलशाद हुसैन, रमेश चंद त्रिपाठी एडवोकेट, शिव एडवोकेट, रोहित एडवोकेट, रिजवान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जिला- बाराबंकी
संवाददाता- मनोज कुमार









