Khoda Surya Murder Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की खोड़ा कॉलोनी में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भी बहस शुरू हो गई है। जहां भारतीय जनता पार्टी और कई हिंदू संगठनों के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है, वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने एनकाउंटर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
Khoda Surya Murder Case: असद के घर पर भी कार्रवाई शुरू
प्रशासन ने आरोपी असद के घर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। गाजियाबाद के नवनीत विहार स्थित उसके घर के बाहर तहसील प्रशासन ने एसडीएम द्वारा जारी नोटिस चस्पा किया। अधिकारियों ने मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि संबंधित निर्माण कथित रूप से अवैध भूमि पर किया गया है। प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। यदि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है। इसी बीच पुलिस ने असद के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार रविवार तड़के खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी असद की तलाश में अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना असद से हुआ। आरोप है कि पुलिस को देखते ही असद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ के दौरान करीब सात राउंड फायरिंग हुई, जिसमें असद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ, जिसका इलाज जारी है।
पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक और कदम
घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने एनकाउंटर का समर्थन करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के लिए यह न्याय की दिशा में एक कदम है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दिलाई जानी चाहिए थी। उनके अनुसार, कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं है और ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक व राजनीतिक दोनों स्तरों पर इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।















