Bihar News: बिहार के स्कूलों में अब महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन की छुट्टी नहीं, बीजेपी सहित कई पार्टियों ने जताई नाराजगी

Bihar News: बिहार के स्कूलों में अब महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन की छुट्टी नहीं, बीजेपी सहित कई पार्टियों ने जताई नाराजगी
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Bihar News: बिहार सरकार ने उर्दू और हिंदी सरकारी विद्यालयों में अवकाश सूची जारी की है। इस सूची में कई बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि उर्दू स्कूलों में जुमा के दिन यानि शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही जन्माष्टमी, रामनवमी, महाशिवरात्रि, राखी, तीज, जीतिया जैसे कई पर्वों पर छुट्टी खत्म कर दी गई है।

Bihar News: बीजेपी बोली-इस्लामिक स्टेट की कर दें घोषणा


इस फैसले से बीजेपी सहित कई पार्टियों ने नाराजगी जताई है। बीजेपी ने कहा है कि अब नीतीश कुमार बिहार को इस्लामिक स्टेट बनाने की घोषणा भी लगे हाथों कर दें। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि यह फैसला बिहार की जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

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कांग्रेस ने भी इस फैसले की आलोचना की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि यह फैसला बिहार की सांस्कृतिक विरासत को खत्म करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करना चाहिए।

Bihar News: तेजस्वी यादव ने इस फैसले पर उठाए सवाल

जनता दल यूनाइटेड के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार जब चुनाव में जातीय जनगणना की मांग करती है, तो वह हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करती है। लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाते हैं, तो वह ऐसी नीतियों को लागू करती है जो धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देती हैं।

Giriraj Singh , Nitish Kumar

Bihar News: विपक्ष के आरोपों पर नीतीश कुमार का जवाब

विपक्ष के आरोपों पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि यह फैसला सभी धर्मों के लोगों के लिए समान है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि उर्दू स्कूलों में जुमा के दिन अवकाश देने से मुस्लिम छात्रों को धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने में आसानी होगी। बिहार सरकार का यह फैसला धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी धर्मों के त्योहारों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। यह मामला अब भावनात्मक बहस का विषय बन गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। इस मामले में कोई जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। सरकार को इस मामले पर सभी पक्षों से बातचीत करनी चाहिए और एक ऐसा समाधान निकालना चाहिए जो सभी के लिए स्वीकार्य हो।

https://youtu.be/yI6wJfRnupc?si=MKEvzKziIedUiZMJ

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