रिपोर्ट – वीरेश तिवारी
Sitapur: सीतापुर जनपद के विकास खंड बिसवां अंतर्गत ग्राम न्यादरपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आ रही है। विद्यालय में चार शिक्षक तैनात होने के बावजूद समय पर एक भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचता, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।
मंगलवार को भी हालात चिंताजनक रहे। सुबह साढ़े दस बजे तक विद्यालय का ताला नहीं खुला था। (Sitapur) स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे समय पर पहुंचकर विद्यालय परिसर के बाहर बैठकर गुरुजनों के आने का इंतजार करते रहे। जब ग्रामीणों ने बच्चों से पूछा कि वे बाहर क्यों बैठे हैं, तो बच्चों ने मासूमियत से बताया कि “गुरुजी छुट्टी पर हैं, पता नहीं आज आएंगी या नहीं, तब तक हम यहीं बैठे रहते हैं।”
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ग्रामीणों से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो निर्मल सिंह, अजय मिश्रा, देशराज सिंह, मोहित भार्गव, सोनू भार्गव, सना भार्गव और महेश गौतम ने बताया कि विद्यालय आए दिन समय पर नहीं खुलता। हैरानी की बात यह है कि विद्यालय में तैनात कमलेश मास्टर ग्राम पंचायत के ही निवासी हैं, इसके बावजूद वे भी समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब कभी विद्यालय खुलता भी है, तो प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार फोन पर बात करते हुए या स्कूल परिसर के बाहर खड़े नजर आते हैं। (Sitapur) बच्चों की पढ़ाई की बजाय उनका समय यूं ही बर्बाद किया जा रहा है। शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके बच्चे रोजाना समय पर विद्यालय पहुंचते हैं और घंटों शिक्षकों का इंतजार करते हैं, जबकि सरकार से हजारों रुपये वेतन पाने वाले शिक्षक पढ़ाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। (Sitapur) यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।














