Election Commission of India: लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का बिगुल बजने वाला है। भारतीय निर्वाचन आयोग आज शाम करीब 4 बजे एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है, जिसमें पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की जाएगी। (Election Commission of India) पिछले कई हफ्तों से चल रहे सस्पेंस पर आज विराम लग जाएगा और इसी के साथ इन राज्यों में ‘आचार संहिता’ भी लागू हो जाएगी। राजनीतिक गलियारों में इस खबर के बाद से ही भारी हलचल मची हुई है और सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है।
Election Commission of India: मुख्य चुनाव आयुक्त का ‘मिशन 5 स्टेट’ हुआ पूरा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में अपनी पूरी टीम के साथ चुनावी राज्यों का तूफानी दौरा पूरा किया है। आयोग की टीम ने इन पांचों राज्यों में जाकर ग्राउंड जीरो पर चुनाव तैयारियों का जायजा लिया। (Election Commission of India) इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लंबी बैठकें की गईं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वोटिंग के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। आयोग ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की समीक्षा की है। अब जब सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, तो आज शाम को चुनावी तारीखों पर आधिकारिक मुहर लगा दी जाएगी।
Also Read -Barabanki: जनपद स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
पश्चिम बंगाल में 8 चरणों वाला ‘चक्रव्यूह’?
सूत्रों की मानें तो इस बार सबसे ज्यादा नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं। बंगाल की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए चुनाव आयोग यहां 4 से लेकर 8 चरणों में मतदान कराने की योजना बना रहा है। साल 2021 में भी बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे, और इस बार भी शांतिपूर्ण मतदान के लिए आयोग चरणों की संख्या ज्यादा रख सकता है। Election Commission of India) वहीं, असम में एक से तीन चरणों में मतदान की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। हालांकि, चरणों की सटीक संख्या पर फैसला आज शाम ही होगा।
बंगाल में सुरक्षा का कड़ा पहरा
सुरक्षा के लिहाज से पश्चिम बंगाल सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। आयोग ने निष्पक्ष चुनाव के लिए राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती जबरदस्त तरीके से बढ़ा दी है। खबर है कि अब तक करीब 480 बटालियन केंद्रीय बल बंगाल भेजे जा चुके हैं और चुनाव की घोषणा के बाद इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है। आयोग का लक्ष्य है कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोककर मतदाताओं को सुरक्षित माहौल दिया जाए। अब देखना होगा कि आज शाम घोषित होने वाला यह शेड्यूल किस पार्टी के पक्ष में माहौल बनाता है।















