Irfan Pathan on Gaza: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान और भारत की पूर्व टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा ने गाज़ा में हो रहे नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाई है। इरफान पठान ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि गाज़ा में हर रोज 0-10 साल के उम्र वाले मासूम बच्चे मर रहे हैं। इन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं को एक साथ आकर इस संवेदनहीन हत्या को समाप्त करना चाहिए।
सानिया मिर्ज़ा ने भी गाज़ा में हो रहे नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाई है। (Irfan Pathan on Gaza) उन्होंने कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किसके पक्ष में सोच रहे हैं, आपके राजनैतिक विचार कैसे हैं, आप न्यूज़ में क्या सुन रहे हैं, लेकिन क्या हम सब कम से कम 20 लाख से भी ज्यादा निर्दोष आबादी वाले शहर के लिए बंद किए खाना, पानी और बिजली पर भी सहमत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये ऐसे लोग हैं, जिनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है, बमबारी के दौरान कहीं छुपने का कोई ठिकाना नहीं है, और उनकी आबादी में आधे से ज्यादा संख्या बच्चों की है।
इरफान पठान और सानिया मिर्ज़ा की इस आवाज का स्वागत किया गया है। कई लोगों ने इन दोनों खिलाड़ियों के बयानों को सराहनीय बताया है।
Irfan Pathan on Gaza: गाज़ा में हो रहा नरसंहार
लगभग एक महीने पहले फिलिस्तीन में मौजूद एक आतंकी संगठन हमास ने इज़राइल पर अचानक 5000 रॉकेट दागे थे, जिसमें इज़राइल के कई लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद इज़राइल ने भी बदला लेना शुरू किया और हमास के साथ-साथ पूरी फिलिस्तीन को टारगेट किया। इज़राइल के इस बदले में सबसे ज्यादा नुकसान इज़राइल से सटे हुए क्षेत्र गाज़ा में हुआ, जहां लाखों लोग बेघर हुए, हजारों लोग मारे गए, हज़ारों छोटे-छोटे बच्चे मारे गए, वहां रहने वाले आम लोगों का खाना-पानी बिजली भी बंद करवा दिया गया। (Irfan Pathan on Gaza) यहां तक कि अस्पताल पर भी हमले किए गए।
इस नरसंहार के खिलाफ दुनिया भर में आवाजें उठ रही हैं। कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन इज़राइल को इस नरसंहार को रोकने के लिए कह रहे हैं।










