रिपोर्ट -बिशाल कुमार गुप्ता
Chandauli: नौगढ़-उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित बिजनौर वन विभाग के कौड़िया रेंज से रेस्क्यू किए गए एक गुलदार (तेंदुआ) को सोमवार को उसके प्राकृतिक आवास में चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। (Chandauli) यह गुलदार कुछ दिन पूर्व बिजनौर के एक गांव के पास भटकता हुआ देखा गया था, जिससे स्थानीय लोगों में भय और वन विभाग में सतर्कता बढ़ गई थी।
गुलदार की मौजूदगी की सूचना मिलते ही बिजनौर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक उसे पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित किया गया। (Chandauli) वहां वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, गुलदार की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष है और वह पुनर्वास के लिए उपयुक्त पाया गया।
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सोमवार को शाम लगभग 5 बजे, गुलदार को वन दरोगा अमित और दैनिक श्रमिक महेंद्र पाल द्वारा बाई रोड चंद्रप्रभा रेंज लाया गया। (Chandauli) वहां वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश कुमार दुबे की देखरेख में उसे देवपहाड़ी क्षेत्र में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस प्रक्रिया को पूरी सुरक्षा और सावधानी के साथ संपन्न किया गया।
वन क्षेत्राधिकार अखिलेश कुमार दुबे ने बताया कि चंद्रप्रभा रेंज की जंगलों में जानवरों की संख्या बढ़ रही है उन्होंने आसपास के गांव के निवासियों व ग्रामीणों को सावधान रहने की सलाह दिए उनका कहना है कि लोग जंगल में अधिक समय ना बिताए क्योंकि सुनसान इलाकों में जानवर हमला कर सकते हैं वन अधिकारी ने सुरक्षा के लिए कुछ आवश्यक सुझाव दिए जैसे जंगल में अकेले ना जाए जब भी जाए समूह में जाए।















