Lucknow Civil Court Attack: लखनऊ कोर्ट में हमला फिर फरारी…आरोपी वकीलों पर HC सख्त, पुलिस ने चार जिलों में फैलाया जाल, 10 टीमें जुटीं

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Lucknow Civil Court Attack: लखनऊ (Lucknow) के सिविल कोर्ट (Civil Court) परिसर में पैरवी के लिए पहुंचे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले (Attempt To Murder) के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

हाईकोर्ट (High Court) की सख्ती के बाद पुलिस कमिश्नरेट (Police Commissionerate) भी हरकत में आ गया है। फरार चल रहे आरोपी अधिवक्ताओं (Advocates) की तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें (10 Police Teams) गठित की गई हैं, जो लखनऊ के साथ ही आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं।

हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 अगस्त तक आरोपी वकीलों के जिले की किसी भी अदालत में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गोपनीय जांच (Confidential Investigation) कराने, उनकी 10 साल की आयकर रिटर्न (Income Tax Return) और संपत्ति की जानकारी सामने लाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ित भाइयों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

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Lucknow Civil Court Attack: कोर्ट परिसर में घेरकर पीटने का आरोप

इस मामले में तालाब गगनी शुक्ल निवासी शाकिर (Shakir) ने वजीरगंज थाने (Wazirganj Police Station) में मुकदमा दर्ज कराया था। शाकिर ने आरोप लगाया था कि 21 जुलाई को वह अपने भाइयों के साथ एक मुकदमे की पैरवी के लिए सिविल कोर्ट गया था।

शाकिर के मुताबिक कोर्ट परिसर में अधिवक्ता सौरभ वर्मा (Saurabh Verma), यश पांडेय (Yash Pandey), हर्षित पांडेय (Harshit Pandey) और अभय प्रताप वर्मा (Abhay Pratap Verma) समेत 40 से 50 लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उनके साथ जमकर मारपीट की और उन्हें एसोसिएशन के दफ्तर में खींचकर ले गए।

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शाकिर ने आरोप लगाया कि वहां उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। किसी तरह वह वहां से बचकर बाहर निकल सके। उनका कहना है कि सौरभ वर्मा और उसके साथी पहले भी उनके और उनके भाइयों के साथ हमला कर चुके हैं।

हाईकोर्ट ने मामले पर अपनाया सख्त रुख

घटना का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लिया था। न्यायमूर्ति राजन रॉय (Justice Rajan Roy) और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला (Justice Manjiv Shukla) की पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कड़ा रुख अपनाया।

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 24 अगस्त तक आरोपी अधिवक्ता जिले की किसी भी अदालत में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आईबी (Intelligence Bureau) से गोपनीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पिछले 10 वर्षों के आयकर रिटर्न और संपत्तियों का खुलासा करने को भी कहा गया है।

कोर्ट ने पीड़ित भाइयों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं, ताकि उन्हें किसी तरह का खतरा न हो।

लखनऊ समेत पड़ोसी जिलों में पुलिस की दबिश

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें बनाई हैं। पुलिस की टीमें लखनऊ (Lucknow) के संभावित ठिकानों के अलावा पड़ोसी जिलों में भी आरोपियों की तलाश कर रही हैं।

इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी (Rajesh Tripathi) के मुताबिक पुलिस टीमें लखनऊ के साथ ही सीतापुर (Sitapur), उन्नाव (Unnao), हरदोई (Hardoi) और बाराबंकी (Barabanki) में भी दबिश दे रही हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

तीन आरोपी अभी फरार

इस मामले में आरोपी अधिवक्ता सौरभ वर्मा ने शनिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण (Surrender) किया था। बताया गया कि वह सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर कोर्ट पहुंचा था और अधिवक्ता वेश में मौजूद लोगों के घेरे में अदालत पहुंचा था।

वहीं मामले में आरोपी हर्षित पांडेय, यश पांडेय और अभय प्रताप वर्मा अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस 40 से 50 अज्ञात हमलावरों की पहचान करने की भी कोशिश कर रही है।

लगे फंसाने की कोशिश के आरोप

पीड़ित शाकिर का आरोप है कि हमले के दौरान अधिवक्ता सौरभ वर्मा और उसके साथियों ने हाथ में असलहा रखकर उन्हें फंसाने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि आरोपी असलहा बरामद कराकर उनके खिलाफ उल्टा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश कर रहे थे।

सौरभ वर्मा पर दर्ज हैं आठ मुकदमे

इंस्पेक्टर वजीरगंज के मुताबिक आरोपी अधिवक्ता सौरभ वर्मा के खिलाफ अलग-अलग थानों में आठ आपराधिक मुकदमे (Criminal Cases) दर्ज हैं। इनमें चोरी (Theft), जालसाजी (Forgery), दंगा (Rioting) और मारपीट (Assault) जैसे मामले शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार सौरभ वर्मा और उसके साथियों पर जमीनों पर कब्जा करने के भी आरोप लगे हैं। इससे जुड़े कई वीडियो (Videos) भी पहले सामने आ चुके हैं।

पुलिस ने की लोगों से अपील

संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था बबलू कुमार (Bablu Kumar) ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति अधिवक्ता के वेश में जमीन, मकान या प्लॉट पर कब्जा करने या मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल है तो इसकी शिकायत पुलिस से करें।

उन्होंने बताया कि डालीगंज स्थित उनके कार्यालय में विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) बनाया गया है। इस विशेष प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दरोगा रामेश्वर तिवारी (Rameshwar Tiwari) को दी गई है।

लोग कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या फिर हेल्पलाइन नंबर 9454634500 पर सूचना दे सकते हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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