Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह 2026 में पीएम मोदी का पहला मन की बात एपिसोड था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग अपनी इनोवेटिव सोच के लिए जाने जाते हैं और अक्सर समस्याओं का समाधान खुद ही निकाल लेते हैं। (Mann ki Baat) उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए स्थानीय प्रयासों का उदाहरण दिया और जन-भागीदारी की शक्ति पर बल दिया।
पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि तमसा नदी, जो अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलती है, कभी स्थानीय लोगों के जीवन का अहम हिस्सा थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी। (Mann ki Baat) आजमगढ़ के लोगों ने मिलकर इस नदी को साफ किया, किनारे पर वृक्षारोपण किया और उसे जीवनदान दिया। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में सूखे की समस्या को हल करने के लिए ‘अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट’ के तहत लोगों ने लगभग 10 जलाशयों की सफाई की और उन्हें पुनर्जीवित किया।
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उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल जल संरक्षण में मदद मिली, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पारिस्थितिकी तंत्र को भी एक नई दिशा मिली। (Mann ki Baat) पीएम मोदी ने कहा, “आजमगढ़ हो या अनंतपुर, यह देखकर खुशी होती है कि लोग संकल्प लेकर एकजुट होते हैं। यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव ला सकती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी की अहम भूमिका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की संस्कृति और त्योहारों की पहचान अब दुनिया भर में फैल रही है। (Mann ki Baat) भारत के त्योहारों को दुनिया भर में धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। भारतीय लोग जहां भी हैं, अपनी संस्कृति की मूल भावना को संजोते हुए उसे आगे बढ़ा रहे हैं।
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पीएम मोदी ने मलेशिया का उदाहरण देते हुए कहा, “आपको जानकर खुशी होगी कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं, जहां तमिल भाषा के साथ-साथ अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है। इसके अलावा, तेलुगु और पंजाबी जैसी भारतीय भाषाओं पर भी जोर दिया जाता है।”















