MP Accident: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में आस्था, भय और लाचारी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां ख़िलचीपुर में भगवान जगन्नाथ मंदिर के पुजारी ने गांजा पीने वालो की धमकियों से तंग आकर न केवल मंदिर छोड़ा, बल्कि भगवान की प्रतिमाओं को भी अपने साथ लेकर रातों-रात शहर छोड़ दिया । शुक्रवार सुबह जब मंदिर के दरवाजे खुले, तो वहां भगवान नहीं थे सिर्फ सन्नाटा और रोते हुए श्रद्धालु थे।
MP Accident: मंदिर सूना, आस्था हुई आहत
सुबह जैसे ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, वे स्तब्ध रह गए। गर्भगृह खाली था। (MP Accident) भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं वहां नहीं थीं। यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। मंदिर से जुड़े डॉक्टर एस. प्रसाद मंदिर परिसर में ही बैठकर फूट-फूट कर रो पड़े। उनका कहना था—“हमारे भगवान हमें छोड़कर चले गए…
मंदिर में रोज सुबह-शाम आरती होती थी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते थे। अब वही मंदिर वीरान नजर आ रहा है, जहां कभी भजन-कीर्तन की गूंज रहती थी।
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CCTV में कैद पूरी घटना
घटना की सूचना मिलते ही खिलचीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मंदिर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। (MP Accident) फुटेज में साफ दिख रहा है कि देर रात पुजारी विष्णु दास सका मंदिर में प्रवेश करते हैं, गेट बंद करते हैं और पर्दे लगाते हैं। (MP Accident) इसके बाद वे भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के पास जाते हैं, विधिवत प्रणाम करते हैं, और हाथ मे जल लेकर मंत्रोच्चार के बाद पर्दे लगा देते है, जिसके बाद वे कुछ देर बाद वे मंदिर की लाइट और CCTV कैमरे बंद कर देते हैं। फिर अंदरूनी खिड़की के रास्ते प्रतिमाओं को दूसरे कमरे में ले जाकर अपने साथ ले जाते हैं और कार में बैठकर मंदिर परिसर से निकल जाते हैं।
पुजारी ने जारी किया वीडियो “डर और प्रताड़ना से मजबूर हूं”
Byte 01 विष्णु दास सका मन्दिर के पुजारी
घटना के बाद पुजारी विष्णु दास सका ने एक वीडियो जारी किया, जो उन्होंने चलती कार में बनाया। वीडियो में उन्होंने कहा—
“हरे कृष्णा, मैं विष्णु शाका दास बोल रहा हूं। मैं भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा महारानी जी की सेवा में था और आज मैं खिलचीपुर छोड़कर जा रहा हूं। मैं भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी को अपने साथ लेकर जा रहा हूं। इसका मुख्य कारण यह है कि मुझे कई प्रकार से प्रताड़ित किया गया। (MP Accident) मुझे गालियां दी गईं और धमकाया जा रहा था कि यहां से निकल जाओ। मेरे साथ मारपीट भी की गई। मैंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिस को फोन कर शिकायत लिखने से मना करवा दिया। (MP Accident) मेरे साथ जो घटना हुई, उसमें मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया। मैं अपनी इच्छा से यहां से नहीं जा रहा हूं, बल्कि बहुत परेशान था और भगवान की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित था। इसलिए मैं भगवान को अपने साथ लेकर जा रहा हूं। हरे कृष्णा।”
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यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सहानुभूति दोनों देखने को मिल रहे हैं।
कैसे बना था मंदिर, कैसे जुड़ी आस्था
खिलचीपुर की सरकारी जमीन पर श्रीराम पेट्रोल पंप के पास स्थित संत सोहन दास महाराज का आश्रम बना हुआ है। इसी परिसर में साल 2021 में रामनवमी के दिन भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। यह प्रतिमाएं जगन्नाथ पुरी से लाई गई थीं और वृंदावन के संत गोलोक वृंदावन दास महाराज के मार्गदर्शन में सोहनदास महाराज से अनुमति लेकर विधि-विधान से स्थापित की गई थीं।
स्थापना के बाद धीरे-धीरे यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया। यहां नियमित रूप से भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक आयोजन होने लगे। हर साल जगन्नाथ रथ यात्रा भी बड़े धूमधाम से निकाली जाती थी, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे।
पांच साल से सेवा कर रहे थे पुजारी
पिछले करीब पांच वर्षों से वृंदावन से आए पुजारी विष्णु दास सका इस मंदिर में सेवा कर रहे थे। (MP Accident) वे मंदिर परिसर में ही एक कमरे में रहते थे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की सेवा में लगे रहते थे। स्थानीय लोग भी उन्हें एक सरल और समर्पित पुजारी के रूप में जानते थे।
गांजा पीने वालों का जमावड़ा बना विवाद की जड़
बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर मंदिर बना है, वह सरकारी जमीन है। मंदिर के पास कुछ असामाजिक तत्व अक्सर बैठकर गांजा पीते थे। धीरे-धीरे उनका वहां जमावड़ा बढ़ने लगा। आरोप है कि ये लोग इस जमीन पर कब्जा करना चाहते थे और इसी वजह से मंदिर को हटाने के लिए पुजारी को लगातार परेशान किया जा रहा था। (MP Accident) कुछ दिन पहले मंदिर परिसर में ही गांजा पीने और अभद्रता करने की शिकायत पुलिस तक पहुंची थी। इसके बाद ख़िलचीपुर पुलिस जांच के लिए आने लगी, जिससे ये लोग नाराज हो गए।
धमकी और अभद्रता का वीडियो भी आया सामने
इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें भंवरलाल नाम का व्यक्ति मंदिर में पहुंचकर पुजारी से अभद्रता करता नजर आ रहा है। वह पुजारी को गालियां देते हुए कहता है कि “मंदिर में पुलिस क्यों आ रही है? हम यहां गांजा बेचेंगे, पिलाएंगे… जो करना है कर लो… थाने में रिपोर्ट करो, विधायक और सांसद से बोल दो।” इस वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। (MP Accident) इससे साफ संकेत मिलता है कि पुजारी पर किस तरह का दबाव बनाया जा रहा था।
धार्मिक भावनाओं को ठेस, प्रशासन पर दबाव
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो यह स्थिति नहीं बनती। (MP Accident) मंदिर से भगवान की प्रतिमाओं का इस तरह जाना केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था पर चोट है।
Byte 02 डॉ. एस. प्रसाद मन्दिर से जुड़े श्रद्धालु
मंदिर से जुड़े श्रद्धालु डॉक्टर एस. प्रसाद ने रोते हुए बताया कि हम सभी जगन्नाथ भक्त आज बेहद व्यथित और पीड़ित हैं। हमारे भगवान हमारे बीच से चले गए हैं। (MP Accident) यहां कुछ गंजेड़ी लोग आए दिन भगवान जगन्नाथ जी के पुजारी को प्रताड़ित करते थे, उनके साथ मारपीट करते थे और धमकी देते थे कि भगवान को यहां से ले जाओ, जगह खाली कर दो, नहीं तो जान से मार देंगे।
इस डर के कारण पुजारी द्वारा थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बाद भी लगातार धमकियां मिलती रहीं। (MP Accident) ये लोग मंदिर परिसर में आकर गांजा पीते थे और मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। उनका उद्देश्य था कि मंदिर खत्म हो जाए और भगवान व पुजारी यहां से चले जाएं, ताकि वे जमीन को अपने हिसाब से उपयोग कर सकें।
इसी वजह से मंदिर के पुजारी विष्णु सखा दास महाराज को लगातार प्रताड़ित किया गया। धमकियों और उत्पीड़न से दुखी होकर वे बेमन से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा महारानी की प्रतिमाएं लेकर अपने श्रीधाम वृंदावन चले गए। जाते समय उन्होंने दुखी मन से एक वीडियो भी जारी किया।
प्रताड़ित करने वाले वही लोग थे, जो यहां गांजा पीने आते थे और परिसर में एक कमरे को अड्डा बना रखा था, जहां 7-8 लोग बैठकर नशा करते थे। (MP Accident) मंदिर में श्रद्धालुओं के आने-जाने से उन्हें दिक्कत होती थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि उनकी प्राइवेसी भंग हो रही है। कभी-कभी पुलिसकर्मी भी दर्शन करने आते थे, जिससे वे डरते थे। डॉ. प्रसाद के अनुसार, ये लोग सरकारी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पुजारी को लगातार धमका रहे थे। उन्होंने बताया कि राधेश्याम सेन और जीतू सोनी ने पुजारी को धमकियां दी थीं, जबकि भंवरलाल दांगी ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत थाने में की गई थी।
डॉ. प्रसाद का कहना है कि वे स्वयं भी इस मामले में थाने में एक शिकायती आवेदन देने वाले हैं।
अब सवाल- क्या लौटेंगे भगवान?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भगवान जगन्नाथ की प्रतिमाएं वापस मंदिर में आएंगी? क्या पुजारी सुरक्षित माहौल में लौट पाएंगे? और क्या प्रशासन उन असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करेगा?
फिलहाल मंदिर सूना है, श्रद्धालु मायूस हैं और पूरे इलाके में एक ही चर्चा है—आखिर कब लौटेंगे भगवान और कब खत्म होगा डर का यह माहौल।














