MP news: मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि EVM में गड़बड़ी के कारण ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
इन चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी 74 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सभी हार गए। (MP news) सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों के बाद EVM पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि EVM में गड़बड़ी के कारण ही सपा को हार का सामना करना पड़ा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि EVM में गड़बड़ी के कारण ही 2014, 2017, 2019 और 2022 में हुए चुनावों में विपक्षी दलों को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि EVM में गड़बड़ी को रोकने के लिए बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए।
अखिलेश यादव के अलावा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी EVM पर सवाल उठाए हैं। (MP news) उन्होंने कहा कि EVM में गड़बड़ी के कारण ही देश में लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है।

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने EVM पर उठ रहे सवालों को खारिज किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि EVM पूरी तरह से सुरक्षित और विश्वसनीय है। चुनाव आयोग ने कहा है कि EVM में गड़बड़ी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
EVM पर उठ रहे सवालों को लेकर देश में एक बार फिर से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इन सवालों का जवाब कैसे देता है।
MP news: EVM पर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग का जवाब
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने EVM पर उठ रहे सवालों को खारिज किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि EVM पूरी तरह से सुरक्षित और विश्वसनीय है। चुनाव आयोग ने कहा है कि EVM में गड़बड़ी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि EVM की सुरक्षा के लिए कई तरह के उपाय किए गए हैं। EVM की सुरक्षा का जिम्मा चुनाव आयोग के अधिकारियों के पास है। EVM को चुनाव से पहले और बाद में पूरी तरह से जांचा जाता है।
चुनाव आयोग ने कहा कि EVM में गड़बड़ी के दावे करने वाले लोगों को कोई ठोस सबूत प्रस्तुत करना चाहिए। (MP news) चुनाव आयोग ने कहा कि EVM में गड़बड़ी के दावे के बिना ही चुनाव आयोग पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
विपक्षी दलों का कहना है कि EVM में गड़बड़ी के कारण ही उन्हें चुनावों में हार का सामना करना पड़ता है। विपक्षी दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने के पक्ष में तर्क दिया जाता है कि बैलेट पेपर में गड़बड़ी की संभावना कम होती है। बैलेट पेपर में मतदाता स्वयं अपना वोट डालता है, इसलिए मतदान में धांधली की संभावना कम होती है।
हालांकि, बैलेट पेपर से चुनाव कराने के खिलाफ भी तर्क दिए जाते हैं। (MP news) बैलेट पेपर से चुनाव कराने में अधिक समय और खर्च होता है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने में मतदाता को मतदान प्रक्रिया समझने में भी मुश्किल होती है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने या EVM से चुनाव कराने पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग को करना है। चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष हों।










