NIA Delhi blast investigation: दिल्ली ब्लास्ट में खुला 42 वीडियो का सबसे बड़ा राज, तुर्किए से शुरू हुआ था पूरा प्लान, NIA के उड़े होश

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NIA Delhi blast investigation: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए सीरियल धमाकों को अंजाम देने वाले ‘वॉइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल’ के विदेशी लिंक अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। इस मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है: तीन कथित विदेशी हैंडलर्स में से एक ने अल-फलाह से गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई को एन्क्रिप्टेड (Encrypted) ऐप्स के जरिए बम बनाने के 42 वीडियो भेजे थे! इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। (NIA Delhi blast investigation) यह वही डॉक्टर मुजम्मिल गनई है जिसके ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी और जो दिल्ली में धमाका करने वाले फिदायीन हमलावर उमर नबी का मुख्य साथी था।

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42 वीडियो से सीखा बम बनाना: विदेशी हैंडलर की भूमिका

जांच में अब तक दिल्ली धमाका मामले में तीन विदेशी हैंडलर्स के नाम सामने आए हैं, जिनकी पहचान हंजुल्लाह, निसार और उकासा के रूप में हुई है। हालांकि, जांच एजेंसियां मान रही हैं कि ये नाम फर्जी हो सकते हैं और उनकी असली पहचान कुछ और हो सकती है। (NIA Delhi blast investigation) पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि इन हैंडलर्स में से मुख्य हैंडलर हंजुल्लाह ने ही डॉ. मुजम्मिल गनई को इनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हुए 40 से अधिक वीडियो भेजे थे। इन वीडियो में विस्तार से बम बनाने का तरीका सिखाया गया था।

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डॉ. गनई ने ही इन वीडियो के जरिए विस्फोटक सामग्री को जुटाया और उन्हें अपने ठिकानों पर छिपाकर रखा था। (NIA Delhi blast investigation) बाद में इन्हीं विस्फोटकों का इस्तेमाल फिदायीन हमलावर उमर नबी ने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास धमाके को अंजाम देने के लिए किया था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 20 लोग घायल हुए थे।

तुर्की में हुई थी आतंकियों की ‘सीक्रेट’ मुलाकात

जांच एजेंसियों को इस ‘वॉइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल’ के इंटरनेशनल नेटवर्क के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। यह सामने आया है कि साल 2022 में डॉ. मुजम्मिल शेख गनई, डॉ. मुजफ्फर राथर और फिदायीन हमलावर डॉ. उमर उन नबी को तुर्की में एक सीरियाई आतंकी से मिलवाया गया था। (NIA Delhi blast investigation) इस खतरनाक मुलाकात को सुनिश्चित करने में पाकिस्तानी हैंडलर्स ने अहम भूमिका निभाई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस आतंकी नेटवर्क के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। डॉ. गनई को दिल्ली में धमाके से ठीक पहले तभी गिरफ्तार कर लिया गया था जब उसके ठिकानों से 2500 किलो विस्फोटक सामग्री, जिसमें 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल था, बरामद हुई थी।

NIA कस्टडी में ‘आतंकी डॉक्टर’: जैश के महिला विंग से जुड़ी थी शाहीन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक दिन पहले ही डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद राथर, शाहीन सईद और मुफ्ती इरफान अहमद को अपनी कस्टडी में लिया है। अब एनआईए इन आरोपियों के विदेशी लिंक से पूरी तरह पर्दा हटाने की कोशिश करेगी। (NIA Delhi blast investigation) जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के महिला विंग से जुड़ी हुई थी। इन खुलासों से स्पष्ट है कि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक उच्च शिक्षित मॉड्यूल को विदेशी धरती से नियंत्रित किया जा रहा था, और ये हैंडलर्स ही इन्हें तकनीकी और प्रशिक्षण संबंधी सहायता मुहैया करा रहे थे।

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