Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा और पार्टी नेतृत्व के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। इस टकराव के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि चड्डा का अगला कदम क्या होगा। हाल ही में उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इन अटकलों को और तेज कर दिया है।
राघव चड्डा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक रील साझा की, जिसे उन्होंने “दिलचस्प विचार” बताया। यह रील ‘seedhathok’ नाम के यूजर द्वारा बनाई गई थी, जिसमें सुझाव दिया गया था कि चड्डा को अब अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बना लेनी चाहिए। (Raghav Chadha) वीडियो में कंटेंट क्रिएटर सीधे चड्डा को संबोधित करते हुए कहता है कि मौजूदा समय में युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है और अगर वे “Gen-Z पार्टी” या किसी नए नाम से संगठन शुरू करते हैं, तो उन्हें जबरदस्त समर्थन मिल सकता है।
वीडियो में यह भी दावा किया गया कि यदि चड्डा किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें वैसा जनसमर्थन नहीं मिलेगा जैसा अभी मिल रहा है, बल्कि विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अपनी नई पार्टी बनाकर वे युवाओं को सीधे जोड़ सकते हैं और एक अलग राजनीतिक पहचान बना सकते हैं। (Raghav Chadha) हालांकि, राघव चड्डा ने इस रील को शेयर जरूर किया है, लेकिन उन्होंने अभी तक सार्वजनिक रूप से अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत करीब एक सप्ताह पहले हुई थी, जब आम आदमी पार्टी ने चड्डा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया। (Raghav Chadha) उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया। (Raghav Chadha) इतना ही नहीं, पार्टी ने चड्डा को संसद में पार्टी की ओर से बोलने पर भी रोक लगा दी, जिससे यह साफ संकेत मिला कि आंतरिक मतभेद गंभीर स्तर पर पहुंच चुके हैं।
Also Read –Seaplane India 2026: रनवे नहीं, अब नदियां बनेंगी एयरपोर्ट! हरिद्वार में सी-प्लेन का सफल टेस्ट
सूत्रों के अनुसार, पार्टी और चड्डा के बीच विवाद के कई कारण हैं। इनमें सबसे प्रमुख आरोप यह है कि चड्डा ने संसद में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया। पार्टी का मानना है कि विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय उन्होंने कुछ हल्के मुद्दों को प्राथमिकता दी, जैसे कि हवाई अड्डों पर समोसे की कीमतों का मुद्दा। इस पर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई और कई मीम्स वायरल हुए। इन घटनाओं ने न केवल पार्टी के भीतर दरार को उजागर किया है, बल्कि राघव चड्डा की राजनीतिक दिशा को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ा दी है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे AAP में बने रहते हैं, किसी अन्य दल का रुख करते हैं या फिर वास्तव में नई राजनीतिक पार्टी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।















