Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के दो सीनेट्स ने पेरिस से एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति वार्ता की ओट में एक और भीषण सैन्य अभियान की योजना बना रहे हैं। Russia Ukraine War)यह चेतावनी उस समय आई है जब अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस पर कड़े प्रतिबंधों वाले विधेयक पर अब तक कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं ले पाए हैं।

Russia Ukraine War: शांति की बात एक छलावा, असल मंशा युद्ध
हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात कर यूरोप दौरे पर निकले दोनों अमेरिकी सीनेटरों ने पेरिस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूस के हालिया हमले अत्यंत भयावह रहे हैं। (Russia Ukraine War) उन्होंने आशंका जताई कि अब पुतिन एक और बड़े हमले की तैयारी में हैं। ग्राहम और ब्लूमेंथल ने साफ किया कि पुतिन की शांति वार्ता सिर्फ समय खरीदने की रणनीति है।
इस बीच अमेरिका में रूस पर कड़े प्रतिबंधों वाला बिल चर्चा में है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अब तक इस पर कोई स्पष्ट राय नहीं दे सके हैं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि वे बिल को पढ़ने के बाद ही निर्णय लेंगे। वहीं सीनेटर ग्राहम का कहना है कि इस बिल को ट्रंप के सलाहकारों के इनपुट के साथ ही तैयार किया गया है। (Russia Ukraine War) बिल में प्रस्ताव है कि रूस से तेल, गैस और यूरेनियम आयात करने वाले देशों पर 500% टैक्स लगाया जाए। इस सूची में चीन और भारत जैसे प्रमुख देश भी शामिल हैं।
पुतिन ट्रंप को कर रहे हैं गुमराह
सीनेटर ब्लूमेंथल ने कहा कि पुतिन जानबूझकर वार्ता की प्रक्रिया को लंबा खींच रहे हैं ताकि वह रणनीतिक रूप से अपनी स्थिति को और मज़बूत कर सकें। उन्होंने यहां तक कहा कि पुतिन, ट्रंप को मूर्ख बना रहे हैं यह एक जाल है। उनका मानना है कि अगर अमेरिका ने अभी ठोस कदम नहीं उठाए, तो बाद में उसकी कीमत कहीं अधिक चुकानी पड़ सकती है।
युद्ध की मानवीय कीमत
युद्ध की त्रासदी को उजागर करते हुए सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि करीब 20,000 यूक्रेनी बच्चों को जबरन रूस ले जाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। वहीं, ब्लूमेंथल ने यूक्रेन के बुचा शहर में सामूहिक कब्रों का निरीक्षण करने के बाद बताया कि वहां नागरिकों को सिर में गोली मारकर मार दिया गया यह न सिर्फ युद्ध अपराध है बल्कि न्याय की पुकार है।
यूरोप की बदली हुई सोच
दोनों अमेरिकी सीनेटरों ने पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात की। ब्लूमेंथल ने कहा कि मैक्रों अब इस युद्ध को सिर्फ एक कूटनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि नैतिक संघर्ष मानते हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप अब पहले से कहीं अधिक गंभीर है और यह लड़ाई अब टाली नहीं जा सकती।















