Sonebhadra: रेणुकूट, 10 अक्टूबर 2026। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीलाओं से एक बार फिर रेणुकूट की धरती भक्तिमय होने जा रही है। हिंडाल्को रामलीला परिषद की 61 वर्षों से चली आ रही गौरवशाली परंपरा के तहत इस वर्ष भी श्रीरामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस आयोजन में लगभग 400 कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगे। यह आयोजन न केवल हिंडाल्को परिवार की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि पूरे सोनभद्र जनपद में अपनी विशिष्ट पहचान भी रखता है।
हिंडाल्को रामलीला परिषद, रेणुकूट पिछले 61 वर्षों से निरंतर भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन करती आ रही है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका संपूर्ण संचालन और अभिनय हिंडाल्को रेणुकूट परिवार के सदस्यों द्वारा किया जाता है। कर्मचारियों, उनके परिजनों और स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता इस आयोजन को सामाजिक एकता, समर्पण और धार्मिक आस्था का अनूठा उदाहरण बनाती है।
Sonebhadra: कलाकारों को निखारने में जुटी टीम, प्रतिदिन हो रहा अभ्यास
इस वर्ष रामलीला मंचन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। आदित्य पाण्डेय के मार्गदर्शन में कलाकारों को मंचीय प्रस्तुति के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, राजेंद्र सिंह शेखावत, राजेश सिंह और विकास शाह कलाकारों के अभ्यास एवं अभिनय को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके निर्देशन में कलाकार संवाद अदायगी, अभिनय शैली, पात्रों की भाव-भंगिमा और मंच पर प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
रामलीला परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष लगभग 400 कलाकार भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करेंगे। इनमें कंपनी के कर्मचारी, उनके परिवारजन और स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। सभी कलाकार प्रतिदिन शाम को रिहर्सल कर रहे हैं, ताकि मंचन के दौरान प्रत्येक प्रसंग को प्रभावशाली और यादगार बनाया जा सके।
मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था से बढ़ेगी भव्यता
इस बार रामलीला को और अधिक आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने के लिए मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि और पात्रों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति की कोशिश है कि दर्शकों को रामायण के प्रमुख प्रसंगों का ऐसा जीवंत और भावपूर्ण अनुभव मिले, जो उन्हें भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म के संदेश से जोड़ सके।
कलाकारों की मेहनत और आयोजन समिति की तैयारियों के बीच रेणुकूट में रामलीला को लेकर उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं और नगरवासियों को इस वर्ष भी भक्ति, संस्कृति और परंपरा से परिपूर्ण भव्य आयोजन देखने का अवसर मिलेगा।
20 अक्टूबर को रावण दहन के साथ होगा समापन
हिंडाल्को रामलीला परिषद के इस दस दिवसीय आयोजन का समापन 20 अक्टूबर 2026 को भव्य रावण दहन, राम दरबार की सुंदर झांकी और विशेष आतिशबाजी के साथ होगा। आयोजन को यादगार बनाने के लिए कलाकारों और आयोजन समिति के सदस्य पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।
परिषद की ओर से सभी श्रद्धालुओं और नगरवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मंचन में पहुंचें, भगवान श्रीराम की लीलाओं का आनंद लें और कलाकारों का उत्साहवर्धन करें। 61 वर्षों की यह गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा एक बार फिर रेणुकूट को भक्ति, आस्था और राममय वातावरण से सराबोर करने के लिए तैयार है।









