Shardiya Navratri 2026: नौ दिनों तक करें ये 9 उपाय, क्या मां दुर्गा पूरी करेंगी हर मनोकामना?

Facebook
X
WhatsApp

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की आराधना, साधना और भक्ति के लिए बेहद खास माने जाते हैं। इन दिनों भक्त माता रानी को प्रसन्न करने और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ, लाल फूल अर्पित करना, दीपक जलाना और जरूरतमंदों की सहायता करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से किए गए इन कार्यों से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आप भी इस नवरात्रि में अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और घर में सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं, तो जानिए सदियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नौ दिनों तक किए जाने वाले खास उपाय और पूजा से जुड़े जरूरी नियम के बारे में….

Also Read –CJP Protest Lawyers Detained: CJP प्रदर्शन में वकीलों की हिरासत पर ‘तांडव’, गुस्से से तिलमिलाया बार एसोसिएशन, CJI सूर्यकांत से कर दी ये मांग | VIDEO

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में रोज करें ये पांच उपाय

1. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें

हमारी धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसमें मां दुर्गा की महिमा, उनकी शक्ति और महिषासुर समेत विभिन्न असुरों के साथ हुए युद्ध का वर्णन मिलता है। भक्त मानते हैं कि नियमित पाठ करने से मन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है।

अगर आपके पास प्रतिदिन पूरा पाठ करने का समय नहीं है, तो अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार दुर्गा सप्तशती के मंत्रों या देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और मां दुर्गा का ध्यान करें।

Also Read –Jantar Mantar 2.0, Abhijeet Dipke: ‘गिरफ्तारी और धमकी से नहीं डरेंगे’, अभिजीत दीपके का ऐलान; सुबह 10 बजे तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद

2. मां दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें

नवरात्रि में मां दुर्गा को लाल रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। खासकर गुड़हल और लाल गुलाब के फूलों से देवी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में लाल रंग को शक्ति, ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है।

प्रतिदिन स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर मां दुर्गा की पूजा करें और उन्हें लाल फूल अर्पित करें। इस दौरान परिवार की खुशहाली और जीवन में आने वाली परेशानियों से लड़ने की शक्ति देने की प्रार्थना करें। नवग्रहों की शांति के लिए भी श्रद्धापूर्वक प्रार्थना कर सकते हैं।

3. सुबह-शाम कपूर से आरती करें

नवरात्रि में सुबह और शाम मां दुर्गा की आरती करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान कपूर जलाकर आरती करें और देवी के मंत्रों का जाप करें। कुछ धार्मिक परंपराओं में कपूर के साथ लौंग रखकर आरती करने की भी मान्यता है।

भक्त इसे घर में सकारात्मक वातावरण बनाने और मन की चिंताओं को दूर करने का प्रतीकात्मक उपाय मानते हैं। लौंग या कपूर जलाते समय आग से जुड़ी सावधानियां जरूर बरतें। इन्हें पर्दों, कपड़ों और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। बंद कमरे में धुआं जमा न होने दें।

4. नवरात्रि के शुभ रंगों का ध्यान रखें

नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। कई परंपराओं में प्रत्येक दिन के लिए एक विशेष रंग भी निर्धारित किया जाता है। भक्त उस दिन के अनुसार वस्त्र पहनकर पूजा करते हैं। ध्यान रखें कि नवरात्रि के नौ रंगों का क्रम हर वर्ष कैलेंडर और प्रचलित परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए वर्ष 2026 के लिए रंगों की सूची देखते समय नवरात्रि की सही तिथियों और स्थानीय पंचांग का ध्यान रखें।

5. जरूरतमंदों को दान करें

नवरात्रि केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सेवा और करुणा का भी पर्व है। इन दिनों जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, फल या अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता देना पुण्यकारी माना जाता है।

दान करते समय दिखावे से बचें और किसी की गरिमा को ठेस न पहुंचाएं। कन्या पूजन के अवसर पर बच्चियों को भोजन कराना, उनकी जरूरतों का ध्यान रखना और उन्हें सम्मान देना भी कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है।

धन-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्य अंकित शर्मा के मुताबिक मां दुर्गा को कमल गट्टा और लाल चुनरी अर्पित करें

धार्मिक परंपराओं में कमल गट्टे को मां लक्ष्मी की पूजा से भी जोड़ा जाता है। नवरात्रि में किसी भी दिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा के दौरान देवी मां को लाल चुनरी अर्पित करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार कमल गट्टे भी चढ़ा सकते हैं।

मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता की कामना पूरी होती है।

तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं

नवरात्रि के दौरान शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा है। इसके साथ ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप किया जा सकता है। यह मंत्र भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी पूजन से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।

पान के पत्ते से जुड़े धार्मिक उपाय

कुछ स्थानीय धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रि के दौरान पान के पत्ते का इस्तेमाल विशेष पूजा के लिए किया जाता है। आर्थिक उन्नति की कामना से साफ पान के पत्ते पर गुलाब की पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा को अर्पित करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है। इसी तरह, कुछ लोग स्वच्छ पान के पत्ते पर केसर या चंदन से स्वास्तिक बनाकर, उस पर सुपारी रखकर देवी के चरणों में अर्पित करते हैं। इसे मनोकामना पूर्ति और कार्यसिद्धि की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।

महाअष्टमी पर करें ये विशेष उपाय

तिजोरी के पास रखें अक्षत

नवरात्रि की महाअष्टमी को मां दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा के बाद अक्षत यानी साबुत चावल को धन-समृद्धि का प्रतीक मानकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखा जाता है। इसी के साथ ध्यान रखने वाली बात यह है कि, तिजोरी के अंदर या कागज, कपड़े और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के पास जलता हुआ दीपक बिल्कुल न रखें। सुरक्षित विकल्प के तौर पर पूजा के बाद अक्षत को एक साफ पात्र में रख सकते हैं।

तुलसी को जल अर्पित करें

महाअष्टमी पर तुलसी के पौधे में जल अर्पित करके परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करना भी कुछ घरों में प्रचलित है। कुछ लोग जल में थोड़ा दूध मिलाकर अर्घ्य देते हैं। हालांकि, दूध पौधे की मिट्टी में डालने से उसकी सेहत प्रभावित हो सकती है। इसलिए तुलसी को सामान्य स्वच्छ जल देना बेहतर है और दूध अर्पित करने की परंपरा हो तो उसे पौधे की मिट्टी में डालने के बजाय अलग पात्र में चढ़ाया जा सकता है।

नवरात्रि के नौ दिनों में पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान

नवरात्रि में पूजा के लिए सबसे जरूरी है स्वच्छता, श्रद्धा और नियमितता। सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल को साफ करें, मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं और अपनी परंपरा के अनुसार मंत्रों का जाप करें। व्रत रखने वाले लोग अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार भोजन करें।

धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा को शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इसलिए नवरात्रि के दौरान क्रोध, कटु वचन और दूसरों के प्रति भेदभाव से बचने का प्रयास करें। जरूरतमंदों की सहायता करें और परिवार के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार रखें।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें