Stampede at Shivneri: पुणे जिला के जुन्नर तालुका स्थित किला शिवनेरी पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर इस वर्ष भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवजयंती के मौके पर राज्यभर से शिवज्योति लेकर पहुंचे युवा, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु किले पर दर्शन के लिए पहुंचे। रात से ही किला परिसर खचाखच भर गया था।
भीड़ अनुमान से कहीं अधिक होने के कारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। (Stampede at Shivneri) अंबरखाना के नीचे हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। (Stampede at Shivneri) रास्ते संकरे होने और एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने से अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई, जिससे महिलाओं और छोटे बच्चों सहित कई लोग घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। घायलों को तुरंत जुन्नर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। (Stampede at Shivneri) बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति सामान्य की। हालांकि, पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हर वर्ष किला शिवनेरी पर शिवाजी महाराज का जन्मोत्सव मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मनाया जाता है। इस वर्ष भी सुबह नौ बजे मुख्य कार्यक्रम आयोजित होना है, जिसमें मुख्यमंत्री के शामिल होने की जानकारी है। ऐसे में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है।
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इधर, नागपुर सहित पूरे महाराष्ट्र में शिवाजी जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। नागपुर के महल क्षेत्र स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया गया। ढोल-ताशों की गूंज के बीच महाआरती कर श्रद्धालुओं ने वीर शिवाजी को नमन किया। घटना के बाद भविष्य में बेहतर भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास मार्गों की सुव्यवस्थित योजना तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है, ताकि ऐसे बड़े आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।















