रिपोर्ट -सुनील ठाकुर
Sonbhadra: रेणुकूट। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए हिण्डाल्को अस्पताल ने अत्याधुनिक जांच सुविधा वीडियो निस्टैग्मोग्राफी (VNG) और ओटोअकॉस्टिक एमिशन (OAE) की शुरुआत की है। यह आधुनिक सुविधाएं पूर्वांचल के बहुत कम चिकित्सा केंद्रों में उपलब्ध हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को अब बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा।
इस नई सुविधा का उद्घाटन हिण्डाल्को रेणुकूट के क्लस्टर हेड श्री समीर नायक द्वारा किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीलम त्रिपाठी के नेतृत्व की सराहना की गई।
हिण्डाल्को अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. शोभित श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो निस्टैग्मोग्राफी (VNG) जांच चक्कर (वर्टिगो) जैसी आम समस्या के सही कारण का पता लगाने में बेहद उपयोगी है। उन्होंने कहा कि जीवनकाल में लगभग 90 प्रतिशत लोगों को कभी न कभी चक्कर की समस्या का सामना करना पड़ता है, जो व्यक्ति के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है।

उन्होंने बताया कि वर्टिगो के कारण व्यक्ति के संतुलन, काम करने की क्षमता, सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। इसके चलते ध्यान में कमी, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
VNG जांच के माध्यम से चक्कर के कारण और प्रभावित स्थान की सटीक पहचान की जा सकती है। इसके साथ ही गिरने के खतरे को कम करने, संतुलन सुधारने और मरीज की स्थिति को बेहतर बनाने में भी यह मददगार है।
वहीं, ओटोअकॉस्टिक एमिशन (OAE) जांच के जरिए नवजात शिशुओं की सुनने की क्षमता का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाया जा सकता है। इससे जन्म के समय ही सुनने की कमी का पता चल जाता है और समय पर उपचार व पुनर्वास की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इससे बच्चों के सामान्य विकास और जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव हो पाता है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इन नई सुविधाओं के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को अब उच्च स्तर की चिकित्सा सेवा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
इस अवसर पर हिण्डाल्को हॉस्पिटल के डॉक्टर हारिस अंसारी, डॉक्टर प्रेमलता, डॉक्टर धर्मेंद्र मिश्रा, डॉक्टर सुरभि, डॉक्टर प्रवीण पारगी, डॉक्टर अमित पांडेय, डॉक्टर राजू समेत अन्य डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।















