UP BJP Women Reservation: राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात लंबे समय से होती रही है, लेकिन अब एक बड़ा कदम उठाया गया है जिसने पार्टी संगठन के भीतर ही नई हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार अपने संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं के लिए एक-तिहाई पद आरक्षित करने का फैसला किया है। इस फैसले को एक तरफ महिलाओं को राजनीति में आगे लाने की बड़ी पहल माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में यह निर्णय नई मुश्किलें भी खड़ी कर रहा है।
UP BJP Women Reservation: संगठन में महिलाओं को 33 फीसदी जगह
भाजपा ने तय किया है कि 21 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी में कम से कम सात पद महिलाओं को दिए जाएंगे। (UP BJP Women Reservation) यानी हर जिले में एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।दरअसल, केंद्र सरकार ने साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया था, जिसके तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का रास्ता खुला। अब उसी सोच को संगठन में भी लागू करने की कोशिश शुरू हो गई है।
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जिलों में टीमें बनाने की प्रक्रिया तेज
इन दिनों प्रदेश में 94 संगठनात्मक जिलों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पार्टी ने पर्यवेक्षकों को जिलों में भेजा है, जो स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से राय लेकर नई टीमों का गठन कर रहे हैं। (UP BJP Women Reservation) इन पर्यवेक्षकों को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी के हस्ताक्षर वाली एक चेकलिस्ट भी दी गई है। इसमें साफ लिखा गया है कि जिला कार्यकारिणी में सात पद महिलाओं को दिए जाना जरूरी होगा।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी मुश्किल
हालांकि इस फैसले को लागू करना उतना आसान नहीं दिख रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कई बड़े शहरों में तो सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं के नाम मिल गए हैं, लेकिन ग्रामीण जिलों में स्थिति अलग है। (UP BJP Women Reservation) ज्यादातर जनप्रतिनिधियों ने सुझाव में पुरुष कार्यकर्ताओं के नाम ज्यादा दिए हैं। ऐसे में सात सक्रिय और प्रभावशाली महिला चेहरों को ढूंढना कई जिलाध्यक्षों और पर्यवेक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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पुरुष कार्यकर्ताओं में भी बेचैनी
इस नए नियम से संगठन के भीतर कुछ पुरुष कार्यकर्ताओं की बेचैनी भी बढ़ गई है। कई ऐसे कार्यकर्ता जो वर्षों से जिला कमेटी में जगह मिलने का इंतजार कर रहे थे, अब उन्हें इस बार मौका नहीं मिल पाने का डर है।
खबर यह भी है कि कई जिलाध्यक्षों और पर्यवेक्षकों ने प्रदेश नेतृत्व तक अपनी मुश्किल पहुंचाई है। (UP BJP Women Reservation) ऐसे जिलों में जहां महिला कार्यकर्ताओं की संख्या कम है, वहां आरक्षण के मानकों में कुछ ढील देने या सूची तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय देने पर विचार किया जा सकता है। कुल मिलाकर, महिलाओं को आगे लाने का यह कदम बड़ा जरूर है, लेकिन इसे जमीन पर उतारना पार्टी के लिए फिलहाल एक बड़ी संगठनात्मक परीक्षा बन गया है।














