
Uttarakhand Cloudburst: उत्तरकाशी के धराली इलाके में बादल फटने से बहुत भारी तबाही मच गई है। बादल फटने के बाद खीरगंगा नदी में बाढ़ आ गई, जिससे धराली गांव बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज बहाव और मलबे के कारण 20 से अधिक घर, होटल और होम स्टे ढह गए। इस समय धराली, हर्षिल और सुक्खी टॉप में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। (Uttarakhand Cloudburst) अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
Uttarakhand Cloudburst: 10 लोगों की मौत
उत्तरकाशी में बादल फटने के कारण अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सेना के करीब 10 जवान समेत कई लोग लापता हैं। सेना, SDRF, NDRF और पुलिस-प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। सेना की 14वीं RAJRIF के कर्नल हर्षवर्धन और 150 जवान बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। (Uttarakhand Cloudburst) बादल फटने से आई बाढ़ के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से चल रहा है। राज्य कंट्रोल रूम से भी धराली में आई इस आपदा पर नजर रखी जा रही है।
Also Read –Bihar News: बिहार में बहुत बड़े अपराधी का एनकाउंटर, 2004 से अपराध की दुनिया में था सक्रिय, कई हत्याओं का मुख्य आरोपी
गांव का आधा हिस्सा मलबे में दब चुका
धराली गांव का आधा हिस्सा मलबे में दब चुका है। यह गांव गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले स्थित है और यात्रा का एक अहम पड़ाव है। बाढ़ और मलबे के कारण तीन-चार मंजिला कई मकान ताश के पत्तों की तरह गिर गए। (Uttarakhand Cloudburst) अधिकारियों के अनुसार, खीरगंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई। बाढ़ ने केवल धराली को ही नहीं, बल्कि सुक्की गांव को भी प्रभावित किया। तेज बहाव में पानी दोनों गांवों की तरफ बढ़ा।
बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं
मौसम की वजह से राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की कई घटनाएं भी हुई हैं। एडीआरएफ ने शवों की तलाश के लिए शव खोजी कुत्तों की एक टीम भेजने का निर्णय लिया है। यह कुत्तों की टीम दिल्ली से हवाई मार्ग से लायी जाएगी, और राज्य के विभिन्न स्थानों से तीन बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं, जिनमें कुल 35 बचावकर्मी शामिल हैं। हर्षिल आर्मी कैम्प में भी भारी नुकसान हुआ है, और वहां का हैलीपैड भी पानी में डूब गया है। वहीं, हरिद्वार में भी भीमगौड़ा टनल के पास रेलवे ट्रैक पर पहाड़ का मलबा गिरने से हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन प्रभावित हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, “उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं, और मैं सभी पीड़ितों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। (Uttarakhand Cloudburst) मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात करके मैंने हालात की जानकारी ली है। (Uttarakhand Cloudburst) राज्य सरकार के अधीन राहत और बचाव टीमें पूरी कोशिश कर रही हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना पर दुख जताते हुए राज्य सरकार को हर तरह की मदद देने का आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड में बुधवार को भी मौसम से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, कुछ जगहों पर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। रेड अलर्ट खासतौर पर हरिद्वार, नैनीताल और सिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों में है। वहीं, चंपावत, बागेश्वर, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।









