महापर्व छठ के अंतिम दिन गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वांचलियों को यमुना नदी के जहरीले झाग के बीच जाकर डुबकी लगानी पड़ी। लोगों ने गुरुवार को इसी पानी के बीच जाकर उगते सूर्यदेव की पूजा कर छठ पूजन संपन्न किया।
गुरुवार को कालिंदीकुंज पर व्रतियों को यमुना के जहरीले झाग के बीच जाकर डुबकी लगाते और बीच में खड़े होकर पूजन करते देखा गया। श्रद्धालुओं को उसी जहरीले झाग के बीच यमुना में डुबकी लगाते हुए भी देखा गया।
इससे पहले तीन दिन से यमुना में झाग को लेकर विपक्ष दिल्ली सरकार पर हमलावर है। दिल्ली सरकार ने इस अव्यवस्था को छिपाने के लिए बुधवार को झाग पर पानी का छिड़काव कर उसे खत्म करने और बैरीकेड लगाकर झाग को घाट तक आने से रोकने की कोशिश की थी। हालांकि इससे सिर्फ झाग घाट तक नहीं पहुंच पा रहा था लेकिन प्रदूषित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पानी तो घाट पर पहुंच ही रहा था, जिसमें लोग डुबकी लगा रहे थे और उसके बीच खड़े होकर लोग अर्घ्य दे रहे थे।









