उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बिजली विभाग ने एक गरीब परिवार की रातों की नींद हराम कर दी है। दरअसल, बिजली विभाग ने एक मजूर को 19 करोड़ 19 लाख 9 हजार 993 रुपए का नोटिस भेजा है। यह नोटिस बिजली के बकाया भुगतान करने का है और इसे रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजा गया है। बिजली विभाग का नोटिस मिलने के बाद मजदूर के होश उड़ गए तो परिवार सदमे है। हालांकि, इस बारे में अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
यह मामला देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मलकौली गांव का है। गांव निवासी रामनगीना मजदूरी का काम करता है। रामनगीना झोपड़ी में अपनी पत्नी और दो बेटे व तीन बेटियों के साथ रहता है। रामनगीना द्वारा सात साल पहले एक किलो वाट का बिजली कनेक्शन लिया गया था। जिसका बिल भी उन्होंने जमा किया। लेकिन बिजली विभाग ने एक ऐसा कारनामा किया है जिसे सुनकर लोगों के होश उड़ जाएंगे। तो वहीं, अब बिजली विभाग ने डाक से रजिस्टर्ड 19 करोड़ रुपए से ऊपर का बकाया नोटिस भेज दिया है।
जिसके बाद से रामनगीना का परिवार सदमे में तो है ही, इलाके में भी इसकी चर्चा जोरों पर है। जब हम पीड़ित के घर पहुंचे तो उनकी पत्नी सावित्री देवी मिलीं। उनका कहना है कि जब से यह नोटिस मिला है तब से वे सदमे में हैं। चूल्हा नहीं जल रहा, ठीक से घर से घर के लोग खाना नही खा पा रहे हैं। इसकी शिकायत करने पर कोई अधिकारी मानने व सुनने को तैयार नहीं है। नोटिस में बकायदा लिखा है कि 25 अगस्त 2021 तक बिल जमा नहीं किया जाएगा तो भू राजस्व के रूप में बकाया वसूल किया जाएगा।
यह 8 अगस्त को रजिस्ट्री हुई थी जो अब जाकर मिली है। वहीं विभाग के अधिशाषी अभियंता (एक्स ई एन) से मिले तो पहले तो वे मानने को तैयार नहीं थे लेकिन बाद में माने तो पूरा ठीकरा एसडीओ यानी उप खण्ड अधिकारी विद्युत विभाग सदर विजय जायसवाल पर फोड़ दिए और कहने लगे कि एसडीओ के लेवल पर गया होगा, मैने सिग्नेचर नहीं किया है। इसकी जांच कराई जाएगी। एसडीओ को अपना मुहर और सिग्नेचर करना चहिए।









