उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक शख्स अपनी पत्नी व बच्चे की जुदाई बर्दाश्त न कर सका। जुदाई बर्दाश्त ना कर पाने की वजह से उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। 30 वर्षीय युवक ने आत्महत्या करने से पहले अपने कमरे में ही अपनी पत्नी से मिली मानसिक प्रताड़ना की कहानी रोते हुए मोबाइल फोन में कैद की। शख्स ने कहा कि ‘तुमको पता है कि मैं बच्चे के बिना नहीं जी सकता’।
ये मामला बहराइच जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र के बशीरंगज का है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माइल उर्फ इमरान अपनी बीवी नाज़िया के साथ रहता था। पिछले कुछ दिन पहले नाज़िया अपने पति इमरान से नाराज़ होकर बच्चे को साथ लेकर अपने मायके चली गई। लेकिन इमरान अपने बच्चे को जबरदस्ती उसकी मां नाज़िया के पास से अपने घर ले आया था जिसको लेकर दोनों के बीच काफी तक़रार भी हुई थी। इसके बाद नाज़िया अपने बच्चे को वापस अपने मायके लेकर चली गई। बीवी और बच्चों से इमरान दूरी बर्दाश्त नहीं कर सका।
इमरान ने 25/26 अक्टूबर की रात पत्नी से मिली मानसिक प्रताड़ना की कहानी रो-रोकर मोबाइल के कैमरे में रिकार्ड किया। उसके बाद उसी कमरे में लगे पंखे से लटक कर फांसी लगा ली। मृतक इस्माइल ने भावुक मन से अपनी पत्नी को संबोधित वीडियो में कहा कि नाज़िया (उसकी पत्नी का नाम) तुमने बहुत गलत किया, मुझसे मेरे बच्चे को दूर करके सब रिश्ता खत्म करके तुमने बहुत गलत किया, आज हम कहीं के नहीं रहे, हम अपने मां-बाप को छोड़ कर सिर्फ तुम्हारा साथ पकड़ा।
इस्माइल ने आगे कहा, ‘तुमने हमारा साथ छोड़ दिया, आज मैं मर रहा हूं अब जीने की इच्छा नहीं कसम से, मैं तुमसे उतनी मोहब्बत नहीं करता हूं जितना अपने बच्चे से, हम सब कुछ अपने बच्चे के लिए किया, तुम हमारा बच्चा लेकर गई हो और मैं जानता हूं कि उसे अब तुम मुझे नहीं दोगी। तुमने अच्छा नहीं किया। तुमको पता है कि मैं बच्चे के बिना नहीं जी सकता।’ इस्माइल ने आगे कहा, ‘हम वीडियो बनाकर जा रहे हैं कि मेरी मौत की जिम्मेदारी नाजिया मेरी बीवी है और मेरी सास है जो मुझे समझ नहीं पाई की इमरान अपनी बीवी नाजिया व बच्चे के बिना जी नहीं सकता, आज हम फांसी लगाकर मरने जा रहे हैं उसकी जिम्मेदारी नाजियां हमारी बीवी है।’ वहीं, अब पुलिस ने मृतक के पिता महबूब आलम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
रिपोर्ट : ब्रिजेश कुमार









