फारूक अब्दुल्ला बोले- कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल ठीक नहीं, बताया घाटी में शांति का फॉर्मूला

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर देश को धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाया है। फारूक अब्दुल्ला ने ये आरोप ऐसे समय में लगाया है जब अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर में हाल ही हुई नागरिकों की हत्याओं पर कहा कि इन आतंकी हमलों में केवल हिंदू ही नहीं बल्कि मुसलमान भी मारे गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि घाटी का माहौल अभी कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए ठीक नहीं है।

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में तब तक शांति नहीं आ सकती जब यहां अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल नहीं कर दिया जाता है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे हैं। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद अमित शाह पहली बार जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे हैं। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा “घाटी में होने वाली हालिया घटनाएं उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली हैं जो ये कहा करते थे कि अनुच्छेद 370 खत्म कर देने के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा। आप घाटी में तब तक शांति नहीं ला सकते जब तक यहां पर अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं कर दिया जाता। इसके साथ ही उन्होंने घाटी में पत्थरबाजी के आरोप में 900 से अधिक लोगों की हिरासत का भी विरोध किया।

फारूक अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री के तीन दिवसीय दौरे पर उनसे मुलाकात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनसे संपर्क किया था और अमित शाह उनसे मिलना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मुलाकात से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पहले से ही राजौरी और पुंछ जाने की योजना थी।

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