बेलरायां खीरी: उत्तर निघासन रेंज के मंझरा पूरब दुमेड़ा निवासी के एक युवक के ऊपर उस वक्त बाघ ने हमला कर दिया जब वो अपने खेत मे गन्ना छीलने गया था घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची ग्रामीणों का आरोप है अब तक बाघ के हमले में दर्जनों लोगों के मौत हो चुकी है वन विभाग नाममात्र का मुआवजा देकर इतिश्री कर देता है जिससे इलाके के लोगों में आक्रोश फैला हुआ है।
उत्तर निघासन रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी विमलेश कुमार ने बताया कि मंझरा पूरब क्षेत्र के दुमेड़ा गांव के राममूर्ति उम्र 45 वर्ष को बाघ के द्वारा मारे जाने की सूचना मिल रही है घटना स्थल पर वन विभाग की टीम पहुंच चुकी है शव को पीएम के लिए भेजा जाएगा। मुआवजे के बारे में रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि वन विभाग के द्वारा पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा और बाघ की मॉनिटरिंग के लिए वन विभाग की टीम को लगा दिया गया है।जबकि ग्रामीणों का आरोप है की बाघ राममूर्ति को मौत के घाट उतारने के बाद पास के ग्रामीण इलाके के खेतों में ही टहलता रहा और वन विभाग चाहकर भी कुछ कर पाने में बेबस नजर आ रही है। अब तक बाघ द्वारा लगभग एक दर्जन लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है,वन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के मुताबिक बाघ वन क्षेत्र की सीमा रेखा के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में अगर पांच या उससे अधिक लोगों पर हमला कर मौत के घाट उतार देता है तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव से अनुमति लेकर उसे नरभक्षी करार देते हुए वन विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि उसे ट्रेन्कुलाइज कर पकड़कर किसी चिड़ियाघर में वैज्ञानिक शोध हेतु भेज दिया होता या मार दिया जाता।
इस सम्बंध में वन्यजीव संरक्षक/फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक से उनके मोबाइल नम्बर +918130333181 पर सम्पर्क करना चाहा लेकिन फोन रिसीव न होने से उनका पक्ष नही मिल पाया। ,वन विभाग और कितने लोगों की जान को बाघ के हवाले करने के बाद लेगा संज्ञान नरभक्षी बाघ कब तक लेता रहेगा इंसानों की जान।
रिपोर्ट चंद्रमोहन









