उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले यूपी की राजनीतिक पार्टियों में भगदड़ जैसा महौल बनना शुरू हो गया है। तो वहीं, अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार 17 नवंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) को बड़ा झटका दिया है। सपा के कद्दावर नेता व एमएलसी नरेंद्र भाटी सहित चार एमएलसी बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ज्वाइन करने वाने इन चार एमएलसी का कार्यकाल अगले साल मार्च में खत्म हो रहा है।
लखनऊ स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के एमएलसी नरेन्द्र भाटी, सीपी चंद्र, रविशंकर सिंह और रमा निरंजन ने पार्टी ज्वाइन की। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सभी पार्टी ज्वाइन कराई। यूपी चुनाव से ठीक पहले नरेन्द्र सिंह भाटी के पार्टी छोड़ने को बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गुर्जर राजनीति में नए समीकरण बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें, जवाइनिंग कमेटी के समक्ष सोमवार को विधानसभा चुनाव से पहले सपा-बसपा को करारा झटका देने के लिए बाकी नेताओं को पार्टी में शामिल करने की हरी झंडी मिल गई थी। जिसके बाद विधायक और एमएलसी सहित कई बड़े नेताओं को बीजेपी में शामिल कराने का निर्णय किया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि बीएसपी और कांग्रेस के कुछ नेताओं के नाम पर भी मुहर लग गई है और अगले कुछ दिनों में एसपी, बीएसपी के मौजूदा विधायक भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
सपा के विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रसाद सिंह व बसपा के ब्रजेश कुमार सिंह प्रिंसू सहित दस एमएलसी को भी भाजपा में शामिल हो सकते है। सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले परिषद सदस्यों में अधिकांश सदस्य नगर निकाय क्षेत्र से एमएलसी है। भाजपा ने इन सदस्यों को विधान परिषद के आगामी नगर निकाय क्षेत्र चुनाव में उम्मीदवार बनाने की भी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। सपा के सदस्यों को भाजपा में शामिल कराने में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की बड़ी भूमिका रही है।









