लखनऊ के पारा इलाके के शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार सुबह बस की चपेट में आने से रूखसार जहां (20) की मौत हो गई। वह स्नातक की छात्रा थी। बुधवार सुबह वह छात्रावास से पढ़ने के लिए निकली थी। हादसे की जानकारी होते ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मोहान रोड पर जाम लगा दिया।
छात्रा के परिजनों को मुआवजा और चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने चालक करण सिंह उर्फ राम सिंह के खिलाफ पारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। इसके पहले भी परिसर में हादसे में छात्रों की मौत हो चुकी है। 2015 और 2018 में हादसा हुआ था।
प्रभारी निरीक्षक पारा राजेश कुमार के मुताबिक मूलरूप से बिहार की रहने वाली दिव्यांग रुखसार जहां शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में स्नातक की छात्रा है। बुधवार सुबह वह अपने छात्रावास से पढ़ाई करने के लिए निकली थी। परिसर में चालक बस पीछे कर रहा था। इसी बीच रुखसार बस के नीचे आ गई। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी जब छात्रों को लगी तो एंबुलेंस को बुलाया गया। घायल छात्रा को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भेजा गया। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन
हादसे में छात्रा की मौत से नाराज छात्र विश्वविद्यालय के बाहर सड़क पर उतर गये। पूरी सड़क पर जाम लगा दिया। छात्र मृतक छात्रा के परिजनों को मुआवजा देने की मांग करने लगे। वहीं, वीसी को भी बर्खास्त करने की मांग की गई। हंगामा व प्रदर्शन की जानकारी होते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया।
विश्वविद्यायल के वीसी छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे छात्र मुआवजे की मांग पर अड़े थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी तरफ से 5 लाख रुपये का मुआवजा भी स्वीकृत कर दिया है लेकिन इससे छात्र संतुष्ट नहीं थे। नाराज छात्र 40 लाख रुपये के मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा।
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरकेपी सिंह के मुताबिक हादसे की जानकारी होने पर छात्रा को तत्काल ट्रामा सेंटर भेजा गया। वहीं हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यी कमेटी का गठन कर दिया गया है। जिसे निर्देश दिया गया है कि वह अपनी जांच रिपोर्ट जल्द सौंपे ताकि हादसे का कारण पता चल सके।









