Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting: देशभर का जहां राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है वहीं, कांग्रेस पार्टी एक बार फिर गहरे राजनीतिक संकट और अंदरूनी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पार्टी के अंदर चल रही तनातनी, वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और नेतृत्व को लेकर खड़े हो रहे तमाम सवालों के बीच वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की सोनिया गांधी से अचानक मुलाकात ने सियासी गलियारों में और भी हलचल तेज़ कर दी है। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) जानकारी के मुताबिक, खास बात है कि यह मुलाकात कथित तौर पर बिना किसी औपचारिक घोषणा के की गई।
यह घटनाक्रम ऐसे वक़्त में सामने आया है जब संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर कई गंभीर और बड़े सवाल खड़े किये, जिनमें सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता बनने से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। अमित शाह के इन बयानों के बाद कांग्रेस की बेचैनी स्पष्ट रूप से नजर आई और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting: 2021 के घाव फिर हरे
देखा जाए तो… कपिल सिब्बल और कांग्रेस नेतृत्व के संबंधों में आई दरार कोई नई बात नहीं है। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) साल 2021 में जी-23 समूह के मध्यम से पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े करने वाले नेताओं में कपिल सिब्बल भी शामिल थे। उस वक़्त उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर प्रदर्शन, तोड़फोड़ और इसी के साथ उनकी कारों को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। यही वह मोड़ था जब कपिल सिब्बल और गांधी परिवार के संबंध बेहद तल्ख हो गए।
इसके बाद कपिल सिब्बल ने कांग्रेस से दूरी बना ली और समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा में कदम रखा। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) ऐसे में अब अचानक सोनिया गांधी से उनकी हुई मुलाकात ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं – क्या यह राजनीतिक मजबूरी है या किसी बड़े कानूनी और राजनीतिक संकट का संकेत?
सोनिया गांधी की नागरिकता पर सियासी भूचाल
संसद में अमित शाह द्वारा उठाया गया मुद्दा कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बनती दिख रही है। आरोप है कि नागरिकता से जुड़े कुछ मामलों में गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिन्हें लेकर मामला अदालत में भी विचाराधीन बताया जा रहा है। कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से इनकार किया है, लेकिन पार्टी की घबराहट उसके आक्रामक रुख और बार-बार स्पष्ट रूप से झलक रही है।
इससे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी कानूनी पेच के कारण कांग्रेस को मजबूत कानूनी सलाह की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ वकील की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
कांग्रेस के अंदर चल रही नेतृत्व की जंग
कांग्रेस की समस्याएं सिर्फ बाहरी हमलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पार्टी के अंदर भी नेतृत्व को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगे हैं। गौर किया जाए तो… राहुल गांधी की कार्यशैली, निर्णय प्रक्रिया और नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) कई बड़ी बैठकों में राहुल गांधी का विरोध दर्ज कराना और असहमति नोट देना पार्टी के भीतर मतभेदों को और उजागर करता है।
प्रियंका गांधी को आगे लाने की चर्चाओं के बीच यह भी कहा जाता है कि पार्टी के अंदर ही उन्हें सीमित करने का प्रयास होता रहा है। प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले कई नेताओं को या तो पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है या फिर… हाशिये पर डाल दिया गया।
शशि थरूर और मनीष तिवारी के अलग रास्ते
आपको बता दे, कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में शशि थरूर ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन गांधी परिवार के पूर्ण समर्थन के कारण खड़गे जीत गए। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) इसके बाद शशि थरूर द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी की कुछ मुद्दों पर प्रशंसा करना और सरकार द्वारा उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व का अवसर देना कांग्रेस के लिए असहज स्थिति बन गया।
वहीं मनीष तिवारी ने पार्टी व्हिप की बाध्यता खत्म करने की मांग कर दी, जिससे यह संकेत मिला कि कांग्रेस के अंदर ही कई नेता पार्टी लाइन से अलग सोच रखते हैं, लेकिन खुलकर सामने नहीं आ पा रहे।
क्या कांग्रेस की तरफ़ बढ़ रही है बड़ी टूट?
राजनीतिक गलियारों में अब ज़ोरों-शोरों पर यह चर्चा हो रही है कि कांग्रेस में या तो बड़ा संगठनात्मक बदलाव हो सकता है या फिर पार्टी किसी बड़े कानूनी और राजनीतिक संकट की तरफ़ बढ़ रही है। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) अब… कपिल सिब्बल की सोनिया गांधी से मुलाकात को इसी संभावित संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।
अगर कांग्रेस ने वक़्त रहते अंदरूनी मतभेदों को नहीं सुलझाया और कानूनी चुनौतियों का ठोस जवाब नहीं दिया, तो पार्टी की मुश्किलें आगामी दिनों में और बढ़ सकती हैं। (Kapil Sibal Sonia Gandhi secret meeting) फिलहाल समझा जाए तो… इतना तय है कि कांग्रेस के लिए यह दौर बहुत निर्णायक है। आगामी दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक संवाद थी या फिर किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की भूमिका।









