PM Modi-opposition tea party: संसद के गलियारों से अक्सर हंगामे, नारेबाजी और तीखी नोकझोंक की खबरें ही सामने आती हैं, लेकिन बुधवार को शीतकालीन सत्र के समापन के बाद एक ऐसी तस्वीर दिखाई दी जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया। जहां कल तक सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहा रहे थे, वहीं अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की नई सांसद प्रियंका गांधी एक ही मेज पर चाय पीते और मुस्कुराते नजर आए। (PM Modi-opposition tea party) दिल्ली की कड़ाके की ठंड में संसद परिसर के भीतर हुई इस ‘टी-पार्टी’ ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह केवल एक शिष्टाचार था या फिर भारतीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव की आहट?
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PM Modi-opposition tea party: दुश्मनी भूलाकर एक साथ आए दिग्गज
संसद सत्र खत्म होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर एक अनौपचारिक बैठक बुलाई गई। इस बैठक की सबसे बड़ी हाईलाइट प्रधानमंत्री मोदी और प्रियंका गांधी की मुलाकात रही। सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच वायनाड को लेकर काफी सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बातचीत हुई। (PM Modi-opposition tea party) इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चिराग पासवान और किरण रिजिजू जैसे कद्दावर मंत्री भी मौजूद थे, तो दूसरी तरफ विपक्ष से सुप्रिया सुले, ए राजा और समाजवादी पार्टी के सांसद भी ठहाके लगाते दिखे। पिछले कई सत्रों से जारी गतिरोध के बाद, नेताओं का इस तरह आपस में घुलना-मिलना लोकतंत्र की एक खूबसूरत और दुर्लभ तस्वीर पेश कर रहा था।
पीएम मोदी का मजाक और सांसदों की अनोखी मांग
चाय पर चर्चा के दौरान सांसदों ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रधानमंत्री के सामने अपनी कुछ शिकायतें और सुझाव भी रखे। सदस्यों ने कहा कि सत्र काफी उपयोगी रहा, लेकिन विधेयकों को देर रात तक पारित करने की परंपरा अब खत्म होनी चाहिए। सांसदों ने नए संसद भवन में एक समर्पित हॉल की भी मांग रखी, जिस पर पुराने संसद भवन के अनुभवों को साझा किया गया। (PM Modi-opposition tea party) जब सांसदों ने मजाकिया लहजे में कहा कि विपक्ष के विरोध की वजह से सत्र थोड़ा छोटा रह गया, तो पीएम मोदी ने भी चुटकी लेने में देर नहीं की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह विपक्ष की आवाजों पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहते थे। पीएम के इस हाजिरजवाबी अंदाज ने वहां मौजूद सभी नेताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया।
विरोध के दौर में सौहार्द का नया संदेश
संसद सत्र के बाद चाय पार्टी की परंपरा पुरानी है, लेकिन इस बार का नजारा पिछले मॉनसून सत्र से बिल्कुल अलग था। उस समय कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया था और केवल सत्ताधारी गठबंधन के नेता ही वहां नजर आए थे। (PM Modi-opposition tea party) लेकिन इस शीतकालीन सत्र के अंत में प्रियंका गांधी और अन्य बड़े विपक्षी चेहरों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया है कि मुद्दों पर असहमति के बावजूद संवाद के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के बीच हुई यह पहली औपचारिक मुलाकात भविष्य में सत्ता और विपक्ष के बीच कड़वाहट कम करने में मददगार साबित हो सकती है।










