Barabanki: आवास विकास कांड में नया मोड़: फर्जी रिकवरी एजेंटों का काला सच होगा उजागर

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रिपोर्ट -मनोज कुमार भास्कर

Barabanki: बाराबंकी के आवास विकास क्षेत्र में सामने आया अवैध वाहन रिकवरी कांड अब एक बड़े संगठित अपराध सिंडिकेट का रूप ले चुका है। फर्जी रिकवरी एजेंटों का एक खतरनाक नेटवर्क उजागर हुआ है, जो अब सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोगों को जान से मारने की धमकियां देने और पत्रकारों को डराने-धमकाने तक पहुंच गया है।

यह मामला अब केवल फर्जी रिकवरी गिरोह की गतिविधि नहीं रहा, बल्कि एक सुनियोजित माफिया साजिश बन चुका है। (Barabanki) यह गिरोह विभिन्न संगठनों की साख का दुरुपयोग कर लोगों को डराकर वसूली कर रहा है और मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।

हाल ही में आवास विकास कॉलोनी के पास दिनदहाड़े एक युवक को बंधक बनाकर उसकी सफारी गाड़ी और नकदी छीन ली गई। आरोपियों ने खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताकर वारदात को अंजाम दिया, जबकि जांच में सामने आया कि वे एक संगठित फर्जी नेटवर्क चला रहे हैं।

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Barabanki: संगठन के नाम का दुरुपयोग कर फैला रहे डर

इस मामले में सबसे खतरनाक पहलू यह सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय किसान मजदूर दशहरी संगठन सहित अन्य किसान संगठनों के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा है। (Barabanki) आरोपी फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर खुद को मंडल अध्यक्ष या संगठन पदाधिकारी बताकर लोगों में भय पैदा करते हैं।

हाल ही में एक पत्रकार को खबर दबाने के लिए मोबाइल नंबर 8604163041 से फोन कर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को संगठन से जुड़ा बताया, लेकिन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति उनका कोई सदस्य नहीं है। संगठन ने इसे बदनाम करने की साजिश करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पुलिस में शिकायत, सख्त कार्रवाई की मांग

भारतीय किसान मजदूर दशहरी संगठन के जिला विधिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष एडवोकेट निधीश प्रताप सिंह ने नगर कोतवाली में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। (Barabanki) पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र वर्मा ने कहा,
“संगठन की बढ़ती ताकत से कुछ संगठित गिरोह घबराए हुए हैं और बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। इन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

विधिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री राहुल मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा,
“भविष्य में यदि कोई भी संगठन के नाम का दुरुपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

प्रदेश सचिव एवं जिलाध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी ने भी स्पष्ट किया कि फर्जी पहचान बनाकर वसूली करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

यह मामला अब साधारण अवैध रिकवरी कांड नहीं रह गया है। (Barabanki) इसमें संगठित अपराध, धमकी, फर्जीवाड़ा और मीडिया पर हमले जैसे गंभीर अपराध शामिल हो चुके हैं, जो बाराबंकी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

अब आवश्यकता है कि पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर कर कठोर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके। (Barabanki) यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो यह माफिया गिरोह और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

जनता से अपील

यदि किसी व्यक्ति को फर्जी रिकवरी एजेंट या किसी संगठन के नाम पर धमकी दी जाती है, तो वह तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे अपराधी केवल पैसों के नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और समाज की शांति के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

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