BJP Formula Against SP 2027: BJP या SP…कौन है बेहतर? 2027 में अखिलेश के खिलाफ ‘तब बनाम अब’ का हथियार, तैयार हुआ पूरा प्लान

Facebook
X
WhatsApp

BJP Formula Against SP 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल भले ही अभी न बजा हो, लेकिन राजनीतिक दलों की रणनीतियों ने चुनावी माहौल में गर्माहट पैदा कर दी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव नतीजों से बड़ा सबक लेते हुए भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक नया और बेहद आक्रामक सियासी नैरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है। बीजेपी इस बार चुनावी मैदान में सिर्फ अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का ढिंढोरा नहीं पीटेगी, बल्कि 2012 से 2017 तक रहे अखिलेश यादव के शासनकाल और 2017 के बाद के अपने कार्यकाल का एक-एक पन्ने का पारदर्शी ‘रिपोर्ट कार्ड’ जनता के सामने रखेगी। इस पूरे अभियान का केंद्रीय बिंदु एक ही सवाल पर टिका होगा ‘सपा से बेहतर बीजेपी क्यों?’

Also Read –Yashwant Sinha: मोदी सरकार के धुर विरोधी का बदला सुर! BRICS पर बांधे तारीफों के पुल…अचानक बदले तेवर ने चौंकाया

BJP Formula Against SP 2027: ‘तब बनाम अब’ का फॉर्मूला

बीजेपी की इस नई रणनीति की रीढ़ ‘तब बनाम अब’ का फॉर्मूला है। पार्टी ने पांच सबसे बड़े और संवेदनशील मुद्दों को चुना है- कानून-व्यवस्था, माफियाओं पर नकेल, महिला सुरक्षा, निर्बाध बिजली सप्लाई और गरीब कल्याण योजनाएं। बीजेपी का दावा है कि वह जुबानी बातों के बजाय प्रामाणिक डेटा के आधार पर जनता से संवाद करेगी। इसके लिए सपा काल में हुए दंगों, हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाहियों की तुलना योगी सरकार में हुई बुलडोजर कार्रवाई, संपत्ति कुर्की और अदालतों में अपराधियों को मिली सजा की दर से की जाएगी। साथ ही ‘मिशन शक्ति’ और 24 घंटे बिजली आपूर्ति जैसे बदलावों के ठोस आंकड़े भी घर-घर तक पहुंचाए जाएंगे।

Also Read –Madhya Pradesh News: गणेश उत्सव के बीच भोपाल में ओवैसी की रैली, मुस्लिम संगठन ने किया विरोध

तीन मोर्चों पर एक साथ हमला

बीजेपी इस रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए तीन-स्तरीय चक्रव्यूह तैयार कर रही है। सबसे पहले एक बड़ा ‘डेटा कैंपेन’ चलाया जाएगा, जिसमें आकर्षक ग्राफिक्स और रिपोर्ट कार्ड के जरिए सपा शासन की कमियों को उजागर किया जाएगा। दूसरा ‘ग्राउंड कैंपेन’ होगा, जिसके तहत कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर सीधे लाभार्थियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण ‘सोशल कोएलिशन कैंपेन’ होगा, जिसका सीधा मकसद सपा के चर्चित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की हवा निकालना है। पार्टी का स्पष्ट संदेश होगा कि बीजेपी राज में सरकारी लाभ जाति देखकर नहीं, बल्कि जरूरत देखकर दिया गया है।

हर वर्ग के लिए विशेष संदेश

अलग-अलग सामाजिक वर्गों को साधने के लिए बीजेपी ने अलग-अलग मुद्दे चुने हैं। गैर-यादव ओबीसी को सरकारी प्रतिनिधित्व, गैर-जाटव दलितों को पक्का मकान और मुफ्त राशन, सवर्णों को सुरक्षा व विकास तथा युवाओं को नए रोजगार के अवसरों की याद दिलाई जाएगी। हालांकि, बीजेपी के इस मास्टर प्लान पर समाजवादी पार्टी ने भी तीखा हमला बोला है। सपा प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि किसी सरकार का काम कैसा रहा, यह जनता बखूबी जानती है। आज भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अपराध चरम पर हैं और जनता खुद सपा के विकास कार्यों को याद कर रही है। अखिलेश यादव की वापसी तय है क्योंकि लोग इस सरकार का सच देख चुके हैं।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें