अखिलेश ने थामी छड़ी तो ओमप्रकाश राजभर हुए साइकिल पर सवार, कहा- बंगाल में खेला हुआ था, यूपी में खदेड़ा होबे

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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के हलधरपुर मैदान में आज समाजवादी पार्टी और भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के गठबंधन का एलान हो ही गया। जैसे ही दोनों नेता मंच पर चढ़े तो एक तरफ अखिलेश यादव ने जहां सुभासपा का साफा अपने गले में डाला तो वहीं ओमप्रकाश राजभर ने लाल टोपी पहन कर यह साफ कर दिया कि वह अपनी छड़ी लेकर साइकिल की सवारी के लिए तैयार हो गए हैं। अपने संबोधन में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का 19वां स्थापना दिवस है, हम पीछे नहीं जाना चाहते, हम आगे जाना चाहते हैं। आज 19 साल पार्टी को बने हो गया है। भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के चाहने वाले लोगों देखो तुम्हारी ताकत, तुम्हारी मेहनत के बल पर तुम्हारे मंच पर माननीय अखिलेश यादव जी, जो कल के मुख्यमंत्री हैं, उनको तुम्हारे मंच पर लेकर के आया हूं।

ओपी राजभर ने रैली की जनता से कहा कि जिस दिन आप आशीर्वाद और वोट देकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएंगे उसी दिन घरेलू बिजली का बिल 5 साल के लिए माफ करा देंगे। बंगाल में खेला होबे का नारा लगा और दीदी ने ऐसा खेला किया कि बीजेपी चारों खाने चित हो गई, अब यूपी में खदेड़ा होगा। सरकार आई तो गरीबों का इलाज फ्री, पुलिसकर्मियों का ड्यूटी आवर फिक्स, पुलिसकर्मियों की 8 घंटे की ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश देंगे। साथ ही गृह जिले के पास पोस्टिंग देंगे, प्राइवेट और सरकारी स्कूल की शिक्षा एक समान होगी, सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बहाल करेंगे, जो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेगा उसको जेल भेजेंगे।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत करते ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज यहां लाल और पीला रंग दिखाई दे रहा है लेकिन आप सबको पता है कि दिल्ली और लखनऊ में कौन लाल पीला हो रहा होगा। जिस दरवाजे से जाकर ओमप्रकाश जी ने भाजपा की सरकार बनवाई थी, अब हम और ओमप्रकाश जी साथ में मिलकर उस दरवाजे को बंद कर चुके हैं और उस पर चिटकनी लगा चुके हैं। ओमप्रकाश राजभर ने सही कहा है जिस तरीके से बंगाल में खेला हुआ वैसे अब जल्दी ही यूपी में भी खदेड़ा होकर रहेगा।

विधानसभा या लोकसभा चुनाव में राजभर वोट का काफी अहम रोल रहता है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शशि प्रताप सिंह ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भले ही हमारी पार्टी के महज 4 विधायक जीत कर विधानसभा गए थे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बनारस जनपद की अजगरा सीट पर सुभासपा प्रत्याशी कैलाश नाथ सोनकर को 83,778 वोट मिले थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल जी सोनकर को 21,349 वोट से हराया था। ऐसे में राजभर वोट की बात की जाए तो 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इसी वोट बैंक और ओमप्रकाश राजभर के साथ होने का फायदा मिला था। शशि प्रताप सिंह बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में 15% राजभर वोट हैं जबकि पूर्वांचल में 4%, इस सबके साथ-साथ अतिपिछड़ी जाति के वोटरों का प्रतिशत करीब 56% है जो ओमप्रकाश राजभर के साथ है। ऐसे में दावा है कि सुभापसा का समाजवादी पार्टी के साथ जाना यह साबित करता है कि भागीदारी संकल्प मोर्चा ही सरकार बनाने में अहम रोल अदा करेगी।

यूपी के इस दंगल में वैसे तो सभी राजनैतिक पार्टियां ताल ठोक यूपी के 403 सीटों पर अलग – अलग आंकड़े बता कर जीत का दम भर रही है, लेकिन हकीकत क्या है यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। लेकिन यह कहा जा सकता है कि सियासत के गलियारे में कोई किसी से कम नही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रवक्ता शशि प्रताप ने समाजवादी पार्टी के साथ आने पर कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हम वाराणसी जनपद के 8 विधानसभा में 6 सीटों पर जीत हासिल कर लेंगे, जिसमें सबसे मजबूत स्थिति शिवपुर विधानसभा और अजगरा विधानसभा में है। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि यूपी में यादव वोट का प्रतिशत भले ही 8% हो लेकिन शिवपुर विधानसभा और अजगरा में यादव वोटरों की संख्या करीब 70 हजार है। यही वजह है कि हम पिछले चुनाव में इन दोनों सीटों पर दूसरे नम्बर पर थे। शिवपुर विधासभा में समाजवादी पार्टी के आनंद मोहन को 56,194 वोट मिले थे जबकि अजगरा विधानसभा मे सपा को 62,429 मिले थे। सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ब्राह्मण और अतिपिछड़ी जाति के लोग अब साइकिल की सवारी करने का मूड बना चुके है।

 

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