हरियाणा में खुले में नमाज पढ़े जाने के विवाद में पाकिस्तान की एंट्री हो गई है. दरअसल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मामले पर बयान जारी किया है और गुरुग्राम में नमाज से जुड़े मसले पर आपत्ति जताई है. ध्यान रहे कि पाकिस्तान अपने यहां लगातार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी कर रहा है और भारत के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है. बता दें कि गुरुग्राम में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा खुले में नमाज पढ़ने के मुद्दे पर पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है. लेकिन, इस मामले में अब स्थानीय लोगों ने मानवीयता का नया उदाहरण पेश किया है और बताया है कि भाईचारे को कैसे कायम रखा जाए और इसके प्रयास भी किए जा रहे हैं. गुरुग्राम में श्री गुरु सिंह सभा गुरुग्राम ने सभी मुस्लिम भाइयों से गुरुद्वारों में नमाज पढ़ने की अपील कर मिसाल पेश की है।
श्री गुरु सिंह सभा ने गुरुपर्व से पहले अपील करते हुए कहा कि अगर मुस्लिम भाई चाहें तो कोविड नियमों के तहत हमारे गुरुद्वारों में जुमे की नमाज अदा कर सकते हैं. श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान शेरगिल सिद्धू ने कहा कि यह हमारी पहल, पहली कोशिश नहीं है. इससे पहले भी अमृतसर के हरमिंदर साहिब में नमाज़ अदा की जाती रही है।
गौरतलब है इससे पहले सेक्टर 12 के रहने वाले अक्षय यादव ने इस मामले में पहल करते हुए बीते शुक्रवार को अपनी दुकानों में नमाज़ पढ़ने की जगह की, बल्कि कहा कि अगर जगह कम पड़ेगी तो उनके घर मे मौजूद पार्किंग और पार्क में भी नमाज़ अदा की जा सके ऐसी व्यवस्था के लिए भी वो तैयार हैं।
वहीं इस मामले में शेरगिल सिद्धू की माने तो हमारे प्रथम गुरु पहली पातशाही ने हमें यह सिखाया है कि कैसे इंसानियत की सेवा ही ईश्वर की सेवा है. और हमारी कौम इसी में विश्वास कर इंसानियत की सेवा में लगी है।









