वीरांगना ऊदा देवी की 164वीं शहादत के मौके पर राष्ट्रीय जन समर्थन पार्टी का कार्यकम छतहरा, जसरा, प्रयागराज में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और बारा विधानसभा के प्रत्याशी श्री अजीत भाष्कर जी ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी ने देश की शान के लिए अपनी कुर्बानी दे दी साथ ही विश्व के इतिहास में यह पहली बार हुआ

जब पति और पत्नी दोनों देश के लिए शहीद हो गए। उनकी शहादत को आज जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है, वीरांगना ऊदा देवी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में 16 नवंबर 1857 के दिन अदम्य साहस दिखाते हुए 36 अंग्रेज सिपाहियों को अकेले गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतारा था। वीरांगना ऊदा देवी पासी अनुसूचित जाति की महिला थी इसलिए उनके इतिहास को छुपाने का प्रयास किया गया। यह एक दुर्भाग्य की बात है।

आगे भाष्कर ने सरकार से वीरांगना ऊदा देवी की शहादत के बारे में सरकारी स्कूलों व एनसीईआरटी में एक पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपनी कुर्बानी देने वाली जातियों जैसे पासी, खटीक, मीणा, गुर्जर आदि के सम्मान को स्थापित करने के लिए सरकार को सेना में रेजिमेंट बनाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही श्रीमती संध्या सुमन ने कहा ऊदा देवी पासी की शहादत को आज देश भुला बैठा है। समाज के लोग भी वीरांगना ऊदा देवी के बारे में कम ही जानते हैं। समाज में महिलाओं को कमजोर नहीं समझना चाहिए महिलाएं भी देश की शान के लिए अपना जान न्योछावर करना जानती हैं, समय समय पर महिलाओं ने भी देश के खातिर अपनी कुर्बानियां दी हैं।

इस अवसर पर बारा विधानसभा के प्रत्याशी एडवोकेट हाईकोर्ट अजीत भाष्कर के साथ मुख्य रूप से राजेश मास्टर, जिला पंचायत संध्या सुमन, चंद्र प्रकाश निगम, सत्य पाल, चंद्रिका प्रसाद, मंगला प्रसाद, राजेश कुमार सरोज, मनोज कुमार, जितेंद्र कुमार, मनजीत कुमार भारतीय, हरिश्चंद्र, विष्णु भगवान, अरविंद व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : राम सुमेर









