अंबेडकरनगर : मनरेगा एक ऐसी योजना है, जिसमें खर्च की लिमिट नहीं है। कितना भी काम कराओ रुपये की कमी नहीं है। योजना से गांवों का विकास कम पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों का ज्यादा हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अकबरपुर विकासखंड के नौगांवा ग्राम सभा में यह खेल चल रहा है अंधेर तो यह है कि उन लोगों की भी हाजिरी लगा कर भुगतान लिया जा रहा है, जिनके द्वारा काम भी नहीं किया जा रहा हैं गांव में खेले जा रहे इस खेल को जानकार अफसर चुप हैं, और सरकारी निधि लुट रही है।पंचायत सचिव व रोजगार सेवक की जुगलबंदी का आलम यह है कि हर कार्य स्थल पर ऐसे मजदूरों की हाजिरी भरी जाती है, जिनके जाब कार्ड तो बनें हैं, लेकिन वह काम करने आते ही नहीं है। ऐसे लोगों की फर्जी हाजिरी भरकर मेहनताना उनके खाते में भेज दिया जाता है। यह स्थिति लगभग जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में है। सरकारी धन का बंदरबांट करने में जुटे हुए ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान , कागजों में ही खेला जा रहा खेल।
रिपोर्ट : अंजली गोस्वामी









