कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह ईंधन की कीमतों और महंगाई के खिलाफ 12 दिसंबर को दिल्ली में रैली करेगी। ‘महंगाई हटाओ’ रैली को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत देशभर के कांग्रेसी नेता संबोधित करेंगे। देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस मोदी सरकार पर महंगाई को लेकर लगातार दवाब बना रही है।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, “यह वर्तमान मोदी सरकार की लूट रोकने और कमरतोड़ कीमतों को कम करने के लिए एक निर्णायक चेतावनी होगी। हम अपना संघर्ष तब तक जारी रखेंगे जब तक मोदी सरकार पीछे नहीं हटती। कांग्रेस ने कहा कि अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि और मुद्रास्फीति ने देश में हर परिवार की कमाई, घरेलू आय और बजट को ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को भाजपा सरकार द्वारा संचालित मूल्य वृद्धि और मुद्रास्फीति के कारण असहनीय क्रूरता और अनकही पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। हर घर का बजट बिगड़ गया है। इन मंहगाई ने लोगों के न्यूनतम पोषण को भी प्रभावित किया है। लोगों को दिन-प्रतिदिन के खाद्य पदार्थों के साथ-साथ अन्य उपभोग्य सामग्रियों को खरीदने और उपभोग करने मुश्किलें हो रही हैं।
न्होंने कहा कि मोदी सरकार लोगों के इस असहनीय दर्द और पीड़ा से बेखबर है। मोदी सरकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक वर्ग लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले मूलभूत मुद्दों अनदेखा कर रहा है। लोगों को मंहगाई जैसे अहम मुद्दों से लगातार भटका रहा है। भारत के लोगों को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें हैं। जिनका सभी खाद्य पदार्थों और अन्य उपभोग्य वस्तुओं की कीमतों पर भारी प्रभाव पड़ा है। सब कुछ धीरे-धीरे आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। मोदी सरकार या तो आम भारतीयों की पीड़ा के प्रति उदासीन रहती है या अन्य अवसरों पर उनका मजाक उड़ाती है।









