नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटा उत्तर प्रदेश का नोएडा लगातार विकास की नई इबारत लिख रहा है. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया. इसके साथ ही इस एयरपोर्ट पर काम जोरशोर से शुरू हो गया. इस एयरपोर्ट पर सितंबर 2024 से विमानों की आवाजाही शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
दुनिया का चौथा और देश का सबसे बड़ा यह एयरपोर्ट राजधानी दिल्ली के सराय काले खां से करीब 70 किलोमीटर तो वहीं नोएडा से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसे में इस एयरपोर्ट की कनेक्टविटी पर खासा फोकस किया गया है. जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए मेट्रो ट्रेन और पॉड टैक्सी के साथ बुलेट ट्रेन की सुविधा मिलेगी.
दरअसल इस बुलेट ट्रेन की प्लानिंग इस तरह की गई है कि दिल्ली और यूपी के लोग आसानी से इस नए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पहुंच जाएं. दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होने वाली हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत यह बुलेट ट्रेन राजधानी दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा सेक्टर 44 होते हुए महज 20 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी. वहीं इसके बाद मथुरा, आगरा, न्यू इटावा, साउथ कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगी.
दिल्ली-वाराणसी के बीच इस हाईस्पीड रेललाइन की कुल लंबाई 865 किलोमीटर होगी. इस पर करीब 250 किलोमीटर की औसत रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी. इस हिसाब से जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ महज एक घंटे तथा वाराणसी बस दो घंटे में पहुंचा देगी. यह परिजोयना वर्ष 2030 तक पूरा होने का अनुमान है और इसकी लागत करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. यह ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लखनऊ के बीच 43, वाराणसी के लिए 18 और अयोध्या के लिए 11 चक्कर लगाएगी.









