बाराबंकी  : शिक्षामित्र ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Facebook
X
WhatsApp

बाराबंकी  : जहांगीराबाद नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लाजपतनगर में शिक्षामित्र के पद पर तैनात दिव्यांग मेनका गुप्ता ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उसके पर्स में मिली पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर रेलवे के कर्मचारियों ने सूचना दी। इस पर पुलिस व परिवारीजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

शिक्षामित्र मोनिका वर्मा शहर के प्राथमिक विद्यालय लाजपतनगर में तैनात थी। वह नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अयोध्यानगर में अपने पिता धर्मेंद्र वर्मा के पास रहती थी। बताते हैं कि मेनिका ने करीब साढ़े छह लाख रुपये एक निजी कंपनी में जमा किए थे। इसी बीच कंपनी भाग गई। ऐसे में उसकी सारी कमाई डूब गई। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी। घर में इसे लेकर अक्सर बखेड़ा होता रहता था। इसी के चलते रविवार को वह बनवा के समीप रेलवे लाइन पर आत्महत्या करने पहुंच गई।

रविवार दोपहर करीब 12 बजे फैजाबाद की ओर से आ रही ट्रेन के चालक ने ट्रैक पर शिक्षामित्र को देखकर ट्रेन रोक दी। उसके बाद चालक व गार्ड ने उसे समझा-बुझाकर पटरी से हटाया। इस पर वह घर जाने की बात कहकर एक पेड़ की नीचे बैठ गई। मगर, ट्रेन ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी, उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।

घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बीफार्मा कर रहा बेटा रिशु व पति चंद्रेश तो गश खाकर गिर पड़े। हालांकि परिवारीजनों के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाने के दरोगा आलोक सिंह ने बताया कि शिक्षामित्र ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

newspaper rec728

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें