मेरठ में ठंड बढ़ते ही रोडवेज बसों में यात्री भी कम होने लगे हैं। ठंड से बचने के लिए अधिकतर यात्री दिन में ही सफर करना पसंद कर रहे हैं। इसे देखते हुए रोडवेज ने रात्रिकालीन बसें कम कर दिन के समय बसों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सामान्य दिनों में मेरठ रोडवेज रीजन में रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन कोरोना काल के बाद से काफी लोगों ने बस की बजाय निजी वाहनों का सहारा लेना शुरू कर दिया। इसके बावजूद सर्वाधिक यात्रियों को सफर कराने के मामले में मेरठ रोडवेज रीजन पूरे प्रदेश में अव्वल चल रहा है।
नवंबर माह में ही रीजन ने करीब 43 लाख यात्रियों को सफर कराकर पहला स्थान प्राप्त किया था, लेकिन अब ठंड बढ़ने का असर दिखने लगा है। अधिकतर लोगों ने रात में सफर करना बंद कर दिया है। रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को बहुत कम यात्री मिल रहे हैं।
एमडी नवदीप रिनवा ने रात्रिकालीन सेवा में लगी बसों को कम करके इन्हें दिन की सेवा में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दिन में बढ़े यात्रियों को राहत दी जा सके। आरएम केके शर्मा ने बताया कि इसके लिए रीजन के सभी पांचों डिपो के एआरएम को निर्देशित कर दिया गया है।









