सीताराम राजू गारू की जीवन यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा: पीएम मोदी

Facebook
X
WhatsApp

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के भीमावरम में अल्लूरी सीताराम राजू के 125वें जयंती समारोह को संबोधित कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में क्या कहा-
-अल्लूरी सीताराम राजू ने, अंग्रेजों से अपने संघर्ष के दौरान दिखाया कि – ‘दम है तो मुझे रोक लो’. आज देश भी अपने सामने खड़ी चुनौतियों से, कठिनाइयों से इसी साहस के साथ, 130 करोड़ देशवासी, एकता के साथ, सामर्थ्य के साथ हर चुनौती को कह रहे हैं- ‘दम है तो हमें रोक लो.

-देश ने वनधन योजना के जरिये वन संपदा को आधुनिक अवसरों से जोड़ने का काम भी शुरू किया है. देश में 3 हजार से अधिक वनधन विकास केंद्रों के साथ ही 50 हजार से ज्यादा वनधन सेल्फ हेल्प ग्रुप भी काम कर रहे हैं

आंध्र के ही विशाखापटनम में Trible Research Institute की स्थापना की गई है।
-आज वन उत्पादों को प्रमोट करने के लिए सरकार अनेक नए प्रयास कर रही है।

-8 साल पहले तक केवल 12 forest products की MSP पर खरीदी होती थी. लेकिन आज MSP की खरीदी लिस्ट में करीब 90 products वन उपज के रूप में शामिल किए गए हैं।

-स्किल इंडिया मिशन के जरिए आज आदिवासी कला-कौशल को नई पहचान मिल रही है. ‘वोकल फॉर लोकल’ आदिवासी कला कौशल को आय का साधन बना रहा है।

-दशकों पुराने कानून जो आदिवासी लोगों को बांस जैसी वन-उपज को काटने से रोकते थे, हमने उन्हें बदलकर वन-उपज पर अधिकार दिये।
-पिछले साल ही देश ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भी की है।

-आजादी के बाद पहली बार, देश में आदिवासी गौरव और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए आदिवासी संग्रहालय बनाए जा रहे हैं. आंध्र प्रदेश के लंबसिंगी में ‘अल्लूरी सीताराम राजू मेमोरियल जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय’ भी बनाया जा रहा है।

– आंध्र प्रदेश वीरों और देशभक्तों की धरती है. यहां पिंगली वेंकैया जैसे स्वाधीनता नायक हुये, जिन्होंने देश का झंडा तैयार किया. ये कन्नेगंटी हनुमंतु, कन्दुकूरी वीरेसलिंगम पंतुलु और पोट्टी श्रीरामूलु जैसे नायकों की धरती है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें