सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मौत की खबर सुनकर मजदूर ने की आत्महत्या

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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मौत की खबर सुनकर उनके एक प्रशंसक ने आत्महत्या कर ली। उत्तर प्रदेश के जिले कानपुर में रहना वाला मजदूर ने जिंदगी को खत्म करने का कदम उठाया। उसकी मौत के बाद से घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसा बताया जा रहा है कि मृतक मजदूर राजेश कुमार यादव (50) इस्पात नगर में मजदूरी करता था। काम से वापस घर आने के बाद सोमवार को उसको मुलायम सिंह यादव के निधन की बात पता चली। इसको सुनते ही वह बौखला गया और यह कहा कि जब मुलायम सिंह नहीं रहे तो हम जीकर क्या करेंगे उसने पांडु नदी में छलांग लगा दी।

मजदूर राजेश यादव की मौत के बाद पत्नी रामरती और चार नाबालिग बेटियां ममता, ललिता, सरिता और आरूषी का हाल बेहाल है। भाई अमर बहादुर का कहना है कि बड़े भइया राजेश का नेताजी से बहुत लगाव था। उनके निधन की खबर सुनकर वह अवसाद में चले गए और आत्महत्या कर ली। बता दें कि समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह यादव को मुखाग्नि दी। मुलायम के घर से मेला ग्राउंड की दूरी करीब 500 मीटर है लेकिन वहां पहुंचने में करीब एक घंटा लगा क्योंकि उनके समर्थक आखिरी दर्शन के लिए भारी संख्या में सैफई पहुंचे थे। मेलाग्राउंड में लाखों मुलायम समर्थक मौजूद हैं। नारेबाजी हो रही है- जब तक सूरज-चांद रहेगा, नेताजी का नाम रहेगा।

पूर्व रक्षामंत्री धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव को श्रद्धाजंलि देने के लिए सैफई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों लोग सैफई पहुंचकर नेताजी के आखिरी दर्शन के लिए उतावले दिखाई दिए। इतना ही नहीं लोगों के बीच एक-दूसरे को धकेलकर आगे बढ़ने की होड़ मची रही। इसके अलावा जब भीड़ बेकाबू हो गई तो नेताजी के दर्शन को रोक दिया गया था। मंच पर सांसद से लेकर विधायक और यहां तक कि बड़े नेता भी लाइन में लगे। दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, राज्य मंत्री असीम अरुण, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, देवेंद्र सिंह भोले, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी लाइन में लगकर ही मंच से श्रद्धाजंलि अर्पित की।

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