Shahjahanpur News: मिर्जापुर में दो सगे भाइयों की मौत, पुवायां में ग्रामीण ने तोड़ा दम, कई बीमार

Facebook
X
WhatsApp

Shahjahanpur News: शाहजहांपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मिर्जापुर में बुखार से सीमावर्ती ग्राम पापरि मझारा निवासी पप्पू के दो बेटों की मौत हो गई। इससे पहले भी यहां ग्राम मस्जिद नगला के नूर मोहम्मद की चार साल की पुत्री आफरीन और पैलानी के शिक्षामित्र अनिल के ढाई वर्षीय पुत्र सिद्धांत की उल्टी-दस्त से मौत हो चुकी है। क्षेत्र में काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं।

गांव पापरि के पप्पू ने बताया कि उसके चार साल के पुत्र मुजम्मिल को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। उसके गांव से जरियनपुर सीएचसी दूर होने के कारण उसने पड़ोसी ग्राम बड़ागांव (Shahjahanpur News) में एक झोलाछाप से मुजम्मिल को दवा दिलवाई। दवा खिलाने के बाद उसके पूरे शरीर पर फफोले पड़ गए। तब उसे उसने कई अन्य झोलाछाप को दिखाया, लेकिन सभी ने जवाब दे दिया। 31 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

पप्पू ने बताया कि रविवार को दस माह के दूसरे पुत्र अयान को भी बुखार आया। उसे उसने एक निजी चिकित्सक को दिखाया और दवा दिलवाई। दवा से अयान को कोई फायदा नहीं हुआ और सोमवार को उसकी भी मौत हो गई। एक हफ्ते में दो बेटों की असमय मृत्यु से पप्पू, मां साइना, बड़ी बहन गुलशन और भाई असद का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुवायां के गांव बेहटा संवात निवासी 49 वर्षीय ब्रह्मकुमार को बुधवार से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसका इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि ब्रह्म कुमार की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

स्वास्थ्य विभाग से कोई झांकने नहीं पहुंचा

पापरि गांव जिले की सीमा पर बसा हुआ है। इस गांव में वर्तमान में कई लोग बुखार से पीड़ित है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम दो बच्चों की मौत के बाद भी यहां नहीं पहुंची है। जिससे गांव के लोगों में दहशत है। सीएचसी दूर होने की वजह से ग्रामीण बीमार होने पर आसपास के झोलाछाप से इलाज कराने पर मजबूर हैं।

सीएचसी जरियनपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदेश रस्तोगी का कहना है कि मुजम्मिल काफी दिनों से बीमार था। जबकि दस माह के अयान को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। उसका पिता बच्चों को सीएचसी लाने के बजाय झोलाछाप से दवा दिलाता रहा। जिससे दोनों बच्चों की गलत दवा के दुष्प्रभाव से मृत्यु होने की आशंका है।

झोलाछाप के इलाज से बचें

सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि बीमार होने पर सबसे पहले सीएचसी में दिखाएं। सीएचसी में रोगियों की मुफ्त जांच, इलाज और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था है। रोगी को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने पर एंबुलेंस से निशुल्क मेडिकल अस्पताल भेजने की भी व्यवस्था है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। झोलाछाप के इलाज से बचें।

https://youtu.be/ryuh6Y9tvKM?si=qcdh9ut-FXLtRrsU

ये भी पढ़े- https://sunilvermamediagroup.com/?p=55944

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें