alimony divorce: केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि कोई पति उससे अलग रह रही पत्नी की सामान्य इनकम की जानकारी मांग सकता है। इसके लिए वह सूचना के अधिकार का उपयोग कर सकता है और तलाक के मामलों में मेंटिनेंस के केस में सबूत के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकता है।
CIC के इस फैसले से तलाक के मामलों में मेंटिनेंस के दावों को सही तरीके से तय करने में मदद मिलेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पत्नी की इनकम के आधार पर तलाक के बाद पति को उचित मेंटिनेंस मिल सके।
CIC ने अपने फैसले में कहा है कि पत्नी की इनकम एक सार्वजनिक रिकॉर्ड है और इसलिए पति को इसकी जानकारी मांगने का अधिकार है। (alimony divorce) इसके अलावा, तलाक के मामलों में मेंटिनेंस का दावा करने के लिए पत्नी की इनकम का पता लगाना जरूरी है।
इस फैसले से उन पति-पत्नी जो अलग रह रहे हैं, उन्हें मदद मिलेगी। इससे उन्हें तलाक के बाद मेंटिनेंस के लिए सही दावा करने में मदद मिलेगी।
alimony divorce: नियम क्या हैं?
CIC के फैसले के बाद, पति को अलग रह रही पत्नी की इनकम जानने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
पति को एक आवेदन लिखकर पत्नी की इनकम की जानकारी मांगनी होगी।
आवेदन में पत्नी का नाम, पता, और आधार नंबर का उल्लेख करना होगा।
आवेदन में यह भी बताना होगा कि पति को पत्नी की इनकम की जानकारी क्यों चाहिए।
आवेदन को सूचना के अधिकार के तहत दायर करना होगा।
आवेदन को कहां दायर करना होगा?
पति को आवेदन पत्नी के आवासीय स्थान के संबंधित सूचना आयोग में दायर करना होगा।
आवेदन का निपटारा कैसे होगा?
सूचना आयोग आवेदन की जांच करेगा और पत्नी के आवासीय स्थान के संबंधित विभाग से जानकारी मांगेगा। विभाग से जानकारी मिलने के बाद, सूचना आयोग पति को पत्नी की इनकम की जानकारी देगी।
अगर पत्नी इनकम की जानकारी देने से मना करती है तो क्या होगा? अगर पत्नी इनकम की जानकारी देने से मना करती है, तो पति कोर्ट में जा सकता है। कोर्ट पत्नी को इनकम की जानकारी देने का आदेश दे सकता है।










