Amit Shah In Parliament: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से जुड़े दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान एक सांसद के सवालों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परेशान हो गए। इस सांसद ने अमित शाह से कई सवाल पूछे, जिनके जवाब अमित शाह नहीं दे पाए।
यह सांसद कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी थे। (Amit Shah In Parliament) उन्होंने अमित शाह से सवाल पूछते हुए कहा कि जब आपने कहा कि नेहरू की गलतियों के कारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) बना है, तो क्या आप यह भी मानते हैं कि आपके पिता, लालकृष्ण आडवाणी भी इस गलती में शामिल थे?
अमित शाह ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और इस पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह से यह भी पूछा कि आपने कहा कि अगर सीजफायर तीन दिन की देरी से हुई होती तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) आज भारत का हिस्सा होता। तो क्या आप यह भी मानते हैं कि अगर आपकी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाया नहीं होता तो आज कश्मीर में शांति होती?
इस सवाल का भी अमित शाह कोई जवाब नहीं दे पाए। (Amit Shah In Parliament) उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक सवाल है और इस पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। अमित शाह के जवाब से अधीर रंजन चौधरी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि आप एक गृह मंत्री हैं और आप इस तरह के सवालों के जवाब नहीं दे सकते हैं। अमित शाह ने इस पर कहा कि मैं एक सभ्य व्यक्ति हूं और मैं इस तरह की बहस में नहीं पड़ना चाहता। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया और दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
इस घटना से यह स्पष्ट है कि अमित शाह अधीर रंजन चौधरी से परेशान हो गए थे। अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह को कई ऐसे सवाल पूछे, जिनके जवाब अमित शाह नहीं दे पाए। इससे अमित शाह की हार हुई और अधीर रंजन चौधरी की जीत हुई।
Amit Shah In Parliament: “जब बंगाल में हमारी सरकार आएगी तब आप समझोगे”
चर्चा के दौरान लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधिक रंजन चौधरी ने अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने को गलत करार दिया. (Amit Shah In Parliament) इसके जवाब में अमित शाह ने कहा, “कश्मीर में धारा 370 खत्म होने के बाद कश्मीर में एम्स आदि सुविधाएं आईं. अमन और शांति का वातावरण आया है. ये बात आप नहीं समझोगे दादा जब बंगाल में हमारी सरकार आएगी तब आप समझोगे बंगाल में शांति का वातावरण क्या होता है.’ आपको बता दें कि जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2023 लोकसभा से पारित हुए हैं.










