Article 370 : जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने जायज ठहराया है। पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 का हटना संवैधानिक है।सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त हो गया है।
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इससे पहले, 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था। इस फैसले के बाद जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जम्मू कश्मीर में सियासी हलचल तेज हो गई है। घाटी की दो प्रमुख पार्टियों पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने अपने नेताओं को पुलिस द्वारा नजरबंद करने का आरोप लगाया है। पीडीपी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हाउस अरेस्ट किया गया है। इसी प्रकार नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को उनके घर के अंदर बंद कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला अपने घरों से बाहर जा सकते हैं।

कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस की खुफिया शाखा अलगाववादी गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रख रही है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने वाले कंटेंट पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जम्मू कश्मीर की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के विकास के लिए क्या कदम उठाती है।
Article 370 : फैसले के पक्ष में तर्क
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अनुच्छेद 370 का हटना संवैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर में समानता, स्वतंत्रता और न्याय को सुनिश्चित करने के लिए नहीं किया जा रहा था। बल्कि, इसका इस्तेमाल अलगाववादी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।
कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 का हटने से जम्मू कश्मीर में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे वहां के लोगों को समान अधिकार और अवसर मिलेंगे।

Article 370 : फैसले के खिलाफ तर्क
आर्टिकल 370 के खिलाफ दायर याचिकाओं में कहा गया था कि अनुच्छेद 370 का हटना जम्मू कश्मीर की स्वायत्तता का उल्लंघन है। इससे वहां के लोगों के अधिकारों का हनन होगा। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि अनुच्छेद 370 का हटने से जम्मू कश्मीर में सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा। इससे वहां की शांति और सुरक्षा को खतरा होगा।
Article 370 : फैसले के बाद जम्मू कश्मीर में क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर में अब नई व्यवस्था लागू होगी। वहां के लोगों को समान अधिकार और अवसर मिलेंगे। केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के विकास के लिए नए कदम उठाएगी। हालांकि, जम्मू कश्मीर में सियासी हलचल अभी भी जारी रहेगी। वहां की मुख्यधारा की पार्टियां अनुच्छेद 370 के हटने का विरोध कर रही हैं।










