Gyanvapi Case: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हुए सर्वेक्षण की रिपोर्ट आज भी अदालत में दाखिल नहीं की जा सकी। अधीक्षण पुरातत्वविद (ASI) ने कोर्ट से एक और हफ्ते का समय मांगा है। कोर्ट ने ASI की मांग को स्वीकार कर लिया है और अब रिपोर्ट 18 दिसंबर को दाखिल की जाएगी।
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में 4 अगस्त से 16 मई तक सर्वेक्षण किया गया था। (Gyanvapi Case) सर्वे का आदेश वाराणसी की जिला अदालत ने दिया था। सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे, जिनमें हिंदू देवताओं की मूर्तियां, शिलालेख और अन्य धार्मिक प्रतीक शामिल थे।
हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद एक प्राचीन हिंदू मंदिर था, जिसे मुगलों ने तोड़कर मस्जिद बना दिया था। (Gyanvapi Case) उन्होंने सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर मस्जिद परिसर को हिंदुओं को सौंपने की मांग की है।
मुस्लिम पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वैध मस्जिद है और इसे तोड़कर बनाया नहीं गया था। (Gyanvapi Case) उन्होंने सर्वेक्षण रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अब देखना होगा कि ASI की रिपोर्ट में क्या खुलासा होता है। रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट इस मामले में अपना फैसला देगा।
Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मस्जिद नहीं महाजिद्द हैं- विष्णु शंकर जैन
विष्णु शंकर जैन ने बातचीत के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि- ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष का दावा मस्जिद को नहीं महा जिद्द को दर्शाता है. इससे पहले भी अयोध्या मथुरा में मस्जिद होने का दावा किया गया जो पूरी तरह निराधार है. ASI सर्वे में मिले सभी साक्ष्य और प्रमाण यह बताने के लिए पर्याप्त है कि ज्ञानवापी परिसर का कुछ और ही इतिहास रहा है.










