INDIA Alliance: I.N.D.I.A में बुआ की एंट्री पर भतीजे की ‘NO’, कांग्रेस से पूछा BSP को लेकर सवाल?

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INDIA Alliance: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ महीनों से चल रही सियासी हलचलों के बीच अब एक नया मोड़ आ गया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल नहीं होगी। (INDIA Alliance) उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल चुनावी फायदे के लिए बनाया गया है और इसमें समाजवादी पार्टी (SP) के साथ उनकी पार्टी के विचारों में कोई समानता नहीं है।

मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी एक मजबूत और स्वतंत्र पार्टी है और वह किसी भी गठबंधन में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं हैं। (INDIA Alliance) उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी।

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इस फैसले के बाद I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल अन्य दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वह मायावती के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी BSP के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है, लेकिन BSP के बिना भी I.N.D.I.A गठबंधन मजबूत है।

कांग्रेस पार्टी ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मायावती का फैसला उनके लिए आश्चर्यजनक नहीं है। (INDIA Alliance) उन्होंने कहा कि BSP हमेशा से ही एक स्वार्थी पार्टी रही है और वह केवल अपने फायदे के लिए काम करती है।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी मायावती पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मायावती ने अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए गठबंधन को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस फैसले के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से I.N.D.I.A गठबंधन को चुनाव में नुकसान हो सकता है।

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INDIA Alliance: देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे I.N.D.I गठबंधन में शामिल दल

उल्लेखनीय है कि I.N.D.I गठबंधन की बैठक के दौरान दिसंबर के अंत तक सीट बंटवारे की बातचीत को अंतिम रूप देने और 22 दिसंबर को 141 सांसदों के निलंबन पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सभी दलों ने लोकसभा चुनाव से पहले आने वाले दिनों में देश भर में आठ से दस सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने का भी फैसला किया है।

https://youtu.be/r8pXAh3izGA?si=Ulg3u__UZSyLbdlX

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